शेखर सुमन का चैट शो मूवर्स एंड शेकर्स 90 के दशक का सबसे हिट शो में से एक था । शो के होस्ट शेखर सुमन की कॉमेडी, व्यंग्य और सेलिब्रिटी मेहमानों के साथ मस्ती ने लोगों का खूब मनोरंजन किया था । मूवर्स एंड शेकर्स में शाहरुख खान, जाकिर हुसैन, यशवंत सिन्हा, किरण बेदी समेत कई दिग्गज शामिल हुए । 1997 में लॉन्च हुए मूवर्स एंड शेकर्स 2012 तक सफलतापूर्वक चला । और अब एक बार फिर मूवर्स एंड शेकर्स अपने नए सीजन के साथ वापस लौट रहा है जिसकी हिंट ख़ुद शो के होस्ट शेखर सुमन ने बॉलीवुड हंगामा के साथ हुई एक्सक्लूसिव बातचीत में दी है । मूवर्स एंड शेकर्स के नए सीजन के बारें में हिंट देते हुए शेखर सुमन ने यह भी पूछा है कि, क्या जिस बेबाक़ी और बिना किसी डर के मैं पहले अपने शो मूवर्स एंड शेकर्स को करता था, वो क्या आज के समय में कर पाऊँगा ?

EXCLUSIVE: मूवर्स एंड शेकर्स के नए सीजन को लेकर शेखर सुमन ने बताई अपनी दुविधा ; कहा- “आजकल लोग हर चीज पर बुरा मान जाते हैं ; पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसा सेंस ऑफ ह्यूमर सभी में होना चाहिए”

मूवर्स एंड शेकर्स के नए सीजन को लेकर शेखर सुमन को है ये दुविधा

बॉलीवुड हंगामा के साथ हुई एक्सक्लूसिव बातचीत में शेखर ने बताया कि, “मूवर्स एंड शेकर्स का नया सीजन प्रॉसेस में है लेकिन बस हम इसे लेकर बस यही सोच रहे हैं कि क्या हम उस मूवर्स एंड शेकर्स को आज के जमाने में उसी बेबाक़ी और निडरता से कर पाएँगे ? ये एक बड़ा सवाल है हमारे लिए । क्योंकि हम लोग अब अपने आप में इतने कुंठित हो गए है, हर चीज पर हमें ग़ुस्सा आता है, हर चीज पर आपत्ति होने लगती है, ये क्यों बोल दिया, तो हर चीज को लेकर बस बुरा लगा जाता है ।

मूवर्स एंड शेकर्स के बारें में एक क़िस्सा शेयर कर शेखर ने बताया की कैसे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें उनके शो के लिए सराहा था । शेखर ने कहा, “जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपनी गाड़ी रोककर मुझे गले लगाया और कहा, जब तुम मेरी एक्टिंग करते हो और मेरे बारें में कुछ भी कहते हो तो सबसे ज्यादा मैं हंसता हूं । उनके मुँह से ऐसी प्रशंसा सुनकर मुझे लगा की बस मुझे अब सब कुछ मिल गया है और मुझे रिटायर हो जाना चाहिए । उन्होंने जब मुझसे कहा की मैं बहुत अच्छा काम कर रहा हूँ इसलिए इस शो को कभी बंद मत करना । तो ये बहुत बड़ी बात है । ऐसा ही सेंस ऑफ ह्यूमर होना चाहिए लोगों में । मैं उम्मीद करता हूं कि आज के प्रधानमंत्री भी ऐसा ही सोचते हैं ।