गांधीनगर, 08 मार्च : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को अमृतकाल में ‘विकसित गुजरात@2047’ से साकार करने का संकल्प किया है।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस उद्देश्य से राज्य के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए गुजरात राज्य इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (जीआरआईटी-ग्रिट) का गठन कर इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, इनडविड्युअल तथा इंस्टीट्यूशन आधारित दीर्घकालीन एवं परिणामोन्मुखी विकास का आयोजन किया है।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ग्रिट द्वारा राज्य के सर्वांगीण एवं संतुलित विकासार्थ 6 ग्रोथ हब विकसित करने के लिए प्रत्येक क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार बहुत ही कम समय में जो रीजनल इकोनॉमिक मास्टरप्लान तैयार हुए हैं, उसमें मुख्यमंत्री ने दक्षिण गुजरात के ग्रोथ हब के रूप में सूरत इकोनॉमिक रीजन (एसईआर) में रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए सर्वप्रथम 1185 करोड़ रुपए के कार्य मंजूर कर ‘जो कहना, वह करना’ का ध्येय साकार किया है।

एसईआर में सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड, तापी तथा डांग जिलों का समावेश होता है और ये क्षेत्र राज्य के आर्थिक विकास में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं।

देश के आर्थिक विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाला गुजरात ‘विकसित भारत@2047’ में भी लीड ले; इस दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में ‘विकसित गुजरात@2047’ रोडमैप कार्यरत हुआ है।

इस रोडमैप अंतर्गत ‘अर्निंग वेल-लिविंग वेल’ का ध्येय पूरा करने के लिए राज्य में आर्थिक विकास से अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ रखने की जो मंशा मुख्यमंत्री ने रखी है, उसमें सूरत इकोनॉमिक रीजनल दीर्घकालीन आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के मुख्य विकास केन्द्र के रूप में उभर रहा है।

इस स्ट्रैटेजिक मल्टीडिस्ट्रिक्ट आर्थिक क्षेत्र के विकास के इकोनॉमिक मास्टर प्लान से अमृतकाल विजन को पूरा करने के महत्वपूर्ण परिबल के रूप में रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए एसईआर के पाँच जिलों में कुल 383 किलोमीटर के 24 कार्यों के लिए ये 1185 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से क्या लाभ होगा ?

लॉजिस्टिक कार्यक्षमता बढ़ेगी

इस रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के फलस्वरूप सूरत, तापी, वलसाड, भरूच तथा नवसारी जिलों के मुख्य औद्योगिक हब एवं जीआईडीसी क्षेत्रों को जोड़ने वाले सड़क मार्गों में सुधार होने से लॉजिस्टिक कार्यक्षमता बढ़ेगी और माल-सामान तथा श्रमिकों की आवाजाही अधिक सुगम होगी। इतना ही नहीं; टेक्सटाइल, केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स तथा डायमंड इंडस्ट्रीज के विकास को मजबूती मिलेगी।

इंडस्ट्रियल एक्सपान्शन – औद्योगिक विस्तार

एसईआर में समाविष्ट हुए जिलों में इस रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के कारण फिशरीज, हजीरा पोर्ट, शुगर फैक्ट्री, सुमूल डेयरी, पापड उद्योग, माइनिंग एंड लिग्नाइट प्रोजेक्ट जैसी विभिन्न उत्पाद इकाइयों वाले औद्योगिक क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त; कडोद, कडोदरा, जोलवा, मांगरोळ, कोसंबा तथा तडकेश्वर जैसे महत्वपूर्ण जीआईडीसी क्षेत्रों की कन्किटिविटी मजबूत होने से औद्योगिक विस्तार द्वारा विकास को भी वेग मिलेगा।

कृषि परिवहन सुविधा सरल होगी

रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी अपग्रेडेशन से एसईआर के जिलों के कृषि उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी और किसान अपने फसल उत्पाद एवं वस्तुएँ बाजार तक आसानी से पहुँचा सकेंगे तथा कृषि क्षेत्र को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।

टूरिज्म डेवलपमेंट – पर्यटन विकास

दक्षिण गुजरात प्रदेश के सिद्धनाथ महादेव, शबरीधाम, पांडवगुफा, अंजनिकुंड, संजाण की पारसी अगियारी जैसे धार्मिक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को यह सुदृढ़ रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन अधिक सरलता देगा।

इसके अतिरिक्त; महाल के जंगलों, सापुतारा, विल्सन हिल जैसे टूरिस्ट प्लेसेज तथा इकोटूरिज्म स्थलों पर पहुँचना सुगम बनने से समग्रतः पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

रोजगार सृजन के अवसर

सूरत इकोनॉमिक रीजनल में मुख्यतः डायमंड इंडस्ट्रीज, पेट्रोकेमिकल एंड केमिकल, टेक्सटाइल, फिशरीज जैसे परंपरागत सेक्टर्स के अलावा; सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों के विकास के नए अवसर इस रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से सृजित होंगे। इसके परिणामस्वरूप युवा शक्ति को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।

एसईआर को ‘विकसित गुजरात@2047’ के लिए स्ट्रैटेजिक ग्रोथ इंजन बनाने में नया बल मिलेगा

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने एसईआर को ‘विकसित गुजरात@2047’ के लिए स्ट्रैटेजिक ग्रोथ इंजन बनाने का दृष्टिकोण रखा है और अपेक्षा है कि 2047 तक 3.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के राज्य के विजन में यह एसईआर जीएसडीपी में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल द्वारा एसईआर के लिए रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन की दी गई मंजूरी के फलस्वरूप इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास को नया बल मिलेगा, जिससे एसईआर सर्वग्राही विकास के नए माइलस्टोन पार करेगा।