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अली अब्बास जफर मानते हैं कि हैं कि सुल्तान प्रशंसकों के लिए ईद की प्रस्तुति की तरह नहीं है । सुल्तान में सलमान, सलमान नहीं हैं । वह इस फ़िल्म में एक पहलवान में रुपांतरित हो गए हैं । यह फिल्म कुश्ती के बारे में नहीं है । वो सिर्फ पृष्ठभूमि है । यह फ़िल्म एक आदमी के उत्थान, फ़िर पतन और फ़िर उत्थान के बारें में है ।

अली कहते हैं, 2 घंटे 50 मिनट की लंबाई कहानी कहने के लिए पर्याप्त है । एक मिनट के लिए भी दर्शक ऐसा महसूस नहीं करेंगे कि वो एक लंबी फ़िल्म देख रहे है ।  यह सिर्फ़ सुल्तान की कहानी को बताने जितनी लंबी है । दर्शकों इस फ़िल्म को बिना विचलित हुए बहुत ही धैर्य के साथ देखेंगे । ये मेरा वादा है ।

निर्माता आदित्य चोपड़ा ने सुल्तान की रिलीज के लिए 6 जुलाई बुधवार का दिन चुना है , ईद के दिन रिलीज होने वाली विशिष्ट सलमान खान की फ़िल्म है ।  यह फ़िल्म द्दारा 5 दिन की लंबी छुट्टी का सप्ताहांत तैयार किया जा रहा है ।

निर्देशक अली अब्बास जफ़र, जो इस फ़िल्म को फ़िनिशिंग टच दे रहे हैं, और साथ ही यह चेतावनी भी  देते हैं कि 'यह ठेठ सलमान खान ईद प्रस्तुति नहीं है ।

भारत के सबसे बड़े फ़िल्म स्टूडियो यश राज फ़िल्म्स ने सुल्तान में पहलवानी के माध्यम से एकदम देशी और जमीनी से जुड़े खेल को चुना है ।

मैंने आदित्य चोपड़ा के साथ कोई अनुबंध नही किया है ।  मैंने इस प्रोडक्शन हाउस के साथ तीन फ़िल्में की हैं इसलिए मैं उनके साथ काम करने में सहज हूं । आदि न केवल एक शानदार निर्माता हैं बल्कि वो इस देश के  बेहतरीन  निर्देशकों में से एक हैं ।  वह कारोबार और सिनेमा की कला, दोनों को ही बखूबी समझते हैं । अली आगे कहते हैं कि सुल्तान के बाद उनके दिमाग में अगली फ़िल्म के लिए तीन और कहानियां है ।

अभी मेरा पूरा ध्यान सुल्तान पर है । सलमान के प्रशंसकों और फ़िल्म कारोबार ने पहले से ही हमारी फ़िल्म पर  बड़े पैमाने पर बॉक्स ऑफिस नंबरों का बोझ डाल दिया है । लेकिन क्या इसने