हिंदी सिनेमा को कई यादगार और चार्टबस्टर गाने देने वाली संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित के टैलेंटेड म्यूज़िक कंपोज़र ललित पंडित ने हाल ही में बॉलिवुड हंगामा के साथ हुए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में खुलासा किया कि, 90 के दशक की सुपरहिट फ़िल्म आशिक़ी के गाने असल में पाकिस्तान से चुराए हुए हैं । बता दें कि, आशिक़ी के गानों को संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने कंपोज किया था ।

EXCLUSIVE: “90 के दशक की सुपरहिट फ़िल्म आशिकी के गाने ओरिजनल नहीं”- ललित पंडित का खुलासा ; “असल में वो पाकिस्तानी गाने हैं”

आशिक़ी के गाने ओरिजनल नहीं- ललित पंडित

90 के दशक में आशिक़ी के गानों ने लोगों के दिलों पर राज किया था । संगीतकार ललित पंडित ने इस बात से इनकार नहीं किया लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, “नदीम-श्रवण का म्यूज़िक असल में हमारे स्टाइल का म्यूज़िक नहीं होता था । नदीम-श्रवण क्या करते थे, दुबई चले जाते थे, वहां से बहुत सारी पाकिस्तान की कैसेट ले आते थे । और वो उनको रि-प्रोड्यूस करवाते थे । ये बात पूरी इंडस्ट्री को पता है । आशिक़ी के भी जो गाने हैं, वो असल में पाकिस्तानी गाने हैं । यहां तक की शब्द भी हू--हू हैं, कुछ गानों के तो ।

ललित पंडित ने आगे कहा, “देखिए म्यूज़िक क्या होता, उसमें कंपोज़र का विजन दिखना चाहिए, स्टाइल दिखना चाहिए । जब आप हमारा म्यूज़िक सुनेंगे, तो आपके गाने में एक स्टाइल से पता चल जाएगा कि, ये हमारा म्यूज़िक है, क्योंकि उसमें सब कुछ हमारे द्वारा किया हुआ होता है । बेशक हमारे पास कई सारे अस्टिटेंट भी होते थे लेकिन गाने के पीछे हम दोनों (जतिन-ललित) का दिमाग़ होता था, कि इसे कैसा बनना चाहिए ।

जब उनसे पूछा गया कि जब आपको पता चला कि आशिक़ी के गाने असल में पाकिस्तान के गाने हैं तो इस पर आपका क्या रिएक्शन था ? इसके जवाब में ललित पंडित ने कहा, “हमें तो बहुत बाद में पता चला है । एक बार अवॉर्ड शो में हम भी नॉमिनेटेड थे, तब जेबा ने आशिक़ी के अवॉर्ड मिले हुए गाने को स्टेज पर जाकर पाकिस्तान के उसी ओरिजनल गाने को प्ले कर दिया था । तो ये सभी के लिए बहुत शॉकिंग था ।

इसी बीच जब उनसे पूछा गया कि, तो क्या आप कभी किन्हीं गानों से इंस्पायर नहीं होते हैं ? इस पर ललित पंडित ने कहा, “गाने कंपोज़ करने में इंस्पिरेशन लेना बेहद ज़रूरी है । हमने भी बहुत इंस्पिरेशन ली है इसमें कोई शक नहीं है । लेकिन मैं कहूँगा कि इंस्पिरेशन लेना एक अलग बात है, उसका काम करने का तरीक़ा अलग होता है । हम दोनों में से जतिन तो एकदम ओरिजनल कंपोज़र थे, वो गानों से इंस्पायर होते थे लेकिन कम्प्लीटली गानों को उठाते नहीं थे । मैं फिर भी कुछ गानों में कुछ एड कर देता था । लेकिन जतिन प्योर कंपोज़र हैं ।