Must Watch Katrina Kaif's hard hitting speech on why women should speak up against marital rape1

बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ़ काफ़ी समय से महिला सशक्तिकरण और कई तरह के मुद्दों के लिए काम कर रही हैं । हाल ही में कैटरीना कैफ़, संयुक्त राष्ट्रल महिला शाखा की भागीदारी के साथ आईएमसी वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के सहयोग से आयोजित वी यूनाइट सम्मेलन में बोलने के लिए आमंत्रित की गईं । जहां कैटरीना कैफ ने दुनिया भर में हो रहे लैंगिक भेदभाव और महिलाओं की स्थिति पर खुलकर बात की ।

कैटरीना कैफ़ ने महिलाओं के मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए बोला कि महिलाओं को चुपचाप अत्याचारों को सहन करने के बजाय उनके खिलाफ होने वाले वैवाहिक बलात्कार एवं अन्य तरह के अपराध जैसे मुद्दों पर जरूर आवाज उठानी चाहिए । कभी कभी शिक्षित महिलाएं भी सामाजिक नियम कायदों के दबाव में घुटती रहती हैं और ऐसे मुद्दों पर खामोश हो जाती है जिसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए । कैटरीना ने कहा, ‘मैं शिक्षित महिलाओं के बारे में जानती हूं जो चुपचाप हिंसा सहती रहती हैं क्योंकि वे सामाजिक नियम कायदों से डरती हैं और उंगलियां भी उन्हीं की ओर उठती है । खास तौर पर तब जबकि हमारे समाज के अधिकतर लोग वैवाहिक बलात्कार जैसे अपराध को मानने से इनकार करते हैं ।’ उन्होंने आगे कहा, मैं अधिक से अधिक महिलाओं से इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध करूंगी । खुद को कमतर या कमजोर समझना ठीक नहीं है क्योंकि किसी तरह की कोरी कल्पना के आधार पर हम लैंगिक रूप से कमजोर नहीं हैं ।

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कैटरीना ने आगे कहा कि यह जानकर बेहद दुख होता है कि लैंगिक भेदभाव ऐसे देश में हो रहा है जहां महिलाएं राष्ट्रा अध्यक्ष रह चुकी हैं । उन्होंने कहा, ब्रिटेन से पहले भारत में एक महिला राष्ट्राध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि अमेरिका में ऐसा अब तक नहीं हो पाया है । यही कारण है कि भारत में लैंगिक भेदभाव के बारे में सुनकर आश्चर्य होता है । यह दुखद बात है कि हम ऐसा करते हैं ।

हर दिन महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध की चौंकाने वाली खबरें सुनने को मिलती हैं । मैं सिर्फ कल्पना कर सकती हूँ कि भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कितने मामले रिपोर्ट

नहीं किए गए । कैटरीना ने कहा, बहरहाल यह सिर्फ भारत की ही समस्या नहीं है और संयुक्त राष्ट्रा की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह हर जगह हो रहा है । उन्होंने कहा, बहरहाल, महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामलों पर मेरा मानना है कि यह अपराध में बढ़ोतरी नहीं है बल्कि ऐसी महिलाओं की संख्या में इजाफा है जो अपने ऊपर हो रहे अपराध के खिलाफ खुलकर सामने आ रही हैं और इसकी रिपोर्ट कर रही हैं ।