हिंदी सिनेमा में कई बेहतरीन किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपने बेमिसाल अभिनय से सभी दिल जीत लिया है । फ़िल्म हो या वेब सीरिज, पंकज त्रिपाठी ने अपने अभिनय से कभी किसी को निराश नहीं किया । हाल ही में पंकज त्रिपाठी को मिमी में अपने शानदार किरदार के लिए IIFA 2022 में बेस्ट सपोर्टिंग रोल के लिए अवॉर्ड मिला । इसके अलावा अभिनेता इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फ़िल्म शेरदिल को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं । हमेशा से सपोर्टिंग रोल निभाने वाले पंकज ने इस फ़िल्म में लीड रोल निभाया है जिसे लोग काफ़ी पसंद कर रहे है । फ़िल्म इंडस्ट्री में बिना किसी गॉडफ़ादर के अपनी जगह बनाने वाले पंकज ने हाल ही में बॉलीवुड हंग़ामा के साथ हुई एक्सक्लूसिव बातचीत बताया कि उन्हें फ़िल्म इंडस्ट्री से कोई शिकायत नहीं है लेकिन एक चीज वह यहां बदलना चाहते है ।

EXCLUSIVE: लोगों के बीच बनी बॉलीवुड की गलत इमेज पर पंकज त्रिपाठी ने कहा, “हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों में बहुत भ्रम है”

इंडस्ट्री के बारें में एक चीज बदलना चाहते हैं पंकज त्रिपाठी

पिछले कुछ सालों में हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री ट्रोलर्स के निशाने पर आई इस बारें में पंकज का मानना है कि हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों में बहुत भ्रम । इंटरव्यू के दौरान जब अभिनेता पंकज से पूछा गया कि, हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के बारें में कोई ऐसी बात जिसे आप बदलना चाहेंगे ? इसके जवाब में अभिनेता पंकज ने कहा, “हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री को लेकर लोगों में बहुत भ्रम है, सोशल मीडिया पर और बाहर भी । और क्योंकि मैं यहां रहकर काम कर रहा हूं इसलिए यह कहूंगा कि जितना कॉम्पिटिशन अन्य क्षेत्रों में होता है उतना ही यहां पर भी है । मैंने भी यहां चुनौतियों का सामना करके अपना मुकाम बनाया । तो हां यहां भी अन्य जगह की तरह मुश्किलें बहुत हैं, चुनौतियां बहुत है और प्रतियोगिता भी बहुत है । इतना ही नहीं लोगों में असुरक्षा की भावना भी बहुत है लेकिन इसके बावजूद पंकज त्रिपाठी अभिनेता बना और लोगों ने स्वीकारा भी ।”

पंकज ने आगे कहा, “मैं कहानियां करता हूं और अपनी शर्तों पर करता हूं । और मैंने बड़े-बड़े प्रोडक्शन हाउस की फ़िल्में विन्रमतापूर्वक मना भी की है, कि नहीं आपकी कहानी मुझे आकर्षित नहीं कर रही है और सामने वालों ने भी इसे स्वीकारा है ।

लेकिन फ़िर भी मैं इस इंडस्ट्री के बारें में ये बदलना चाहूंगा कि, यहां कलाकारों का बहुत जल्दी मूल्य तय हो जाता है । इसलिए इतनी जल्दी मूल्य तय मत कीजिए । प्रयास करें कि सभी को समान मौके मिले । हालांकि मैं इस बात को समझता हूं कि इंडस्ट्री हो या व्यवसाय हो, यहां समान मौके मिलना पॉसिबल नहीं है । क्योंकि हर कोई आगे बढ़ना चाहेगा ।”

कई बार मेरे जैसे टैलेंट को बहुत साल लगते हैं आगे बढ़ने में । और मुझसे ज्यादा टैलेंटेड लोग अभी भी कतार में होंगे और अपनी-अपनी स्पेस ढूंढ रहे होंगे ।”