आमिर खान की बहुप्रतिक्षित फ़िल्म लाल सिंह चड्ढा का उनके फ़ैंस को बेसब्री से इंतजार है । हॉलीवुड फ़िल्म फ़ॉरेस्ट गम्प का हिंदी एडेप्टेशन लाल सिंह चड्ढा में आमिर खान के साथ करीना कपूर खान और नागा चैतन्य भी लीड रोल में नजर आएंगे । 11 अगस्त को रिलीज होने वाली लाल सिंह चड्ढा का ट्रेलर रिलीज हो चुका है और ट्रेलर को लोगों से पॉजिटिवि रेस्पॉन्स मिल रहा है । वहीं आमिर खान को भी लाल सिंह चड्ढा के ट्रायल शोज में लोगों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा है । ये देखकर फ़िल्म से जुड़ा हर शख्स काफ़ी खुश है । लाल सिंह चड्ढा के राइटर अतुल कुलकर्णी ने भी बॉलीवुड हंगामा के साथ हुई एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि उन्होंने मिलकर जो फ़िल्म बनाई है उस पर उन्हें पूरा भरोसा है । साथ ही अतुल कुलकर्णी ने आमिर खान को इंडियन सिनेमा का ISI मार्क भी कहा ।

EXCLUSIVE: आमिर खान को इंडियन सिनेमा का ISI मार्क मानते हैं लाल सिंह चड्ढा के लेखक अतुल कुलकर्णी, कहा- “दिवाली और आमिर साल में सिर्फ एक बार आते हैं”

आमिर खान इंडियन सिनेमा के ISI मार्क है

अतुल कुलकर्णी ने बॉलीवुड हंगामा के साथ खास बातचीत में बताया कि अब लाल सिंह चड्ढा अपनी रिलीज के लिए पूरी तरह से तैयार है ऐसे में आमिर अब पूरी तरह इसके बिजनेस एंगल को लेकर मेहनत कर रहे हैं । आमिर को फिल्मों की जानकारी सिर्फ क्राफ्ट के तौर पर ही नहीं, बिजनेस के हिसाब से भी बहुत है । उन्हें जनता की नब्ज के बारे में बहुत बारीक जानकारी है । इसी के साथ उन्होंने यह भी बताया कि लोगों को आमिर की फ़िल्मों का इंतजार होता है ।

आमिर को इंडियन सिनेमा का ISI मार्क बताते हुए अतुल ने कहा, “उन्होंने अपनी एक ऑडियंस बना ली है, जो सिर्फ आमिर की फिल्म देखने आती है । वो वापिस चले जाते हैं और फिर आमिर की फिल्म ही देखने आते हैं । लोगों के दिल में इस तरह का भरोसा पैदा कर देना एक बहुत बड़ी बात है । खासकर आज के समय में जब एंटरटेनमेंट की भरमार तो ये चुनना कि आमिर की फिल्म है इसलिए हम जाकर देखेंगे, एक बहुत बड़ी बात है ।”

थिएटर में आमिर की फिल्मों को लेकर जनता के क्रेज के बारें में बताते हुए अतुल ने एक किस्सा भी सुनाया । उन्होंने बताया कि, “1995-96 में मेरा दोस्त आमिर की एक फिल्म देखने जुहू (मुंबई) के चंदन थिएटर गया था । उन दिनों फिल्मों के टिकट ब्लैक हुआ करते थे । वहां एक लड़का ब्लैक में टिकट बेच रहा था और बहुत ज्यादा पैसे मांग रहा था । मतलब एक रुपये के शायद दस रुपये मांग रहा था, ऐसा कुछ. मेरे दोस्त ने कहा- क्या बात कर रहा है तू, मतलब दस रुपये ! तो उस लड़के ने उसकी तरफ देखा और बोला- ले लो साहब, ईद-दिवाली और आमिर साल में सिर्फ एक बार आते हैं । और मुझे लगता है इस एक लाइन में सब कुछ आ गया ।”

अंत में लाल सिंह चड्ढा के प्रति अपना विश्वास जताते हुए अतुल कुलकर्णी ने कहा कि, “जब फिल्म रिलीज होगी, तो हम सब (फिल्म की टीम) सीना चौड़ा कर के खड़े होंगे कि देखो हमने ये फ़िल्म बनाई है ।”