आखिरकार 6 वरà¥à¤· बाद ‘मिलेंगे-मिलेंगे’ को सिनेमाघरों से मिलने का मौका मिल ही गया और इसके लिठनिरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ बोनी कपूर ने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के साथ दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अदा किया है। यह फिलà¥à¤® 6 वरà¥à¤· पहले à¤à¥€ रिलीज हà¥à¤ˆ होती तो à¤à¥€ कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि फिलà¥à¤® की कहानी वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ लगती है।
फिलà¥à¤® की हीरोइन डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤¸ और लà¥à¤• से तो आधà¥à¤¨à¤¿à¤• है, लेâ€à¤•िन सोच के मामले में वह कà¥à¤› जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही रूढ़िवादी है। जब उसका पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ उसके साथ धोखा करता है तो वह उससे संबंध तोड़ लेती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ माफी माà¤à¤—ता है तो वह पचास रà¥à¤ªà¤ के नोट पर पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ से उसका नाम और फोन नंबर लिखवाकर बाजार में चला देती है और कहती है कि à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ में होगा तो वह पचास का नोट उसके पास वापस आà¤à¤—ा और वह उसे सà¥à¤µà¥€à¤•ार लेगी।
अपना नाम और फोन नंबर वह किताब पर लिखकर बाजार में बेच देती है। अगर किसà¥à¤®à¤¤ में मिलना लिखा होगा तो पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ के पास किताब पहà¥à¤à¤š जाà¤à¤—ी। à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ पर उसे इतना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ यकीन है।
फिलà¥à¤® के à¤à¤• सीन में यही हीरोइन कहती है कि उसे à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं है, लेकिन à¤à¤• टैरो कारà¥à¤¡ रीडर से मिलने के बाद उसकी सोच में इतना परिवरà¥à¤¤à¤¨ आता है कि वह जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करने लगती है। करीना कपूर के किरदार को इतना बेवकूफ बताया गया है कि वह अपने पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ का पूरा नाम तक नहीं जानती।
पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (करीना कपूर) à¤à¤¸à¥‡ लड़के से शादी करना चाहती है जो सिगरेट और शराब नहीं पीता हो। à¤à¥‚ठनहीं बोलता हो। बैंकॉक के यूथ फेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤² में उसकी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात इमà¥à¤®à¥€ (शाहिद कपूर) से होती है जिसमें ये तमाम बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¯à¤¾à¤ हैं। उसके हाथ पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की डायरी लगती है और वह पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के सामने अपने आपको उसी तरह पेश करता है।
जब उसे अहसास होता है कि पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उसे सचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤° करती है तो उसे अपनी गलती का अहसास होता है। वह अपने को बदलने की सोचता है, लेकिन उसके पहले ही उसकी चोरी पकड़ी जाती है। पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उससे अलग हो जाती है और उनका मिलना होगा या नहीं उसे à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ पर छोड़ देती है।
तीन वरà¥à¤· बीत जाते हैं। दोनों की शादी होने वाली है, लेकिन à¤à¤•-दूसरे को वे à¤à¥‚ला नहीं पाते। पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पचास के नोट की तलाश रहती है और इमà¥à¤®à¥€ को किताब की ताकि वे à¤à¤•-दूसरे तक पहà¥à¤à¤š सके। वे à¤à¤•-दूसरे को à¤à¥€ ढूà¤à¤¢à¤¨à¥‡ की कोशिश करते हैं।
ढूà¤à¤¢à¤¨à¥‡ के खेल में फिलà¥à¤® à¤à¤• बार फिर कमजोर नजर आती है। अब किसी को तलाशना कठिन नहीं है। गूगल, इंटरनेट, ईमेल, फेसबà¥à¤• आदि की मदद ली जा सकती है। मोबाइल है। अखबारों में विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨ छपवाठजा सकते हैं। लेकिन दोनों पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ बाबा आदम के जमाने के तरीके अपनाते रहते हैं। कई संयोग होते हैं और हैपà¥à¤ªà¥€ à¤à¤‚डिंग के साथ फिलà¥à¤® खतà¥à¤® होती है।
लेखक शिराज अहमद ने कई छोटी-मोटी बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा है तो कई बड़ी-बड़ी गâ€à¤²à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ कर गà¤, खासकर फिलà¥à¤® के दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ में। कई जगह लेखक ने अपने मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सीन लिखे हैं। कॉपी-किताब हाथ में लेकर वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ पहले सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट कॉलेज जाते थे। लेकिन à¤à¤• सीन में करीना कपूर की चà¥à¤°à¤¾à¤ˆ हà¥à¤ˆ डायरी वापस करना है इसलिठसारे विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के हाथों में कॉपी-किताब दिखा दी गई हैं।
सतीश कौशिक का निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¨ अचà¥à¤›à¤¾ है और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿ की कमियों के बावजूद फिलà¥à¤® को मनोरंजक तरीके से पेश किया है, जिससे बोरियत नहीं होती है। हालाà¤à¤•ि à¤à¤• निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤• होने के नाते उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेखन की कमियों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना था।
अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ के मामले में शाहिद कपूर कमजोर लगे। तीन-चार à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨à¥à¤¸ से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पूरी फिलà¥à¤® में काम चलाया। करीना कपूर का अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ उमà¥à¤¦à¤¾ है, हालाà¤à¤•ि उनके कैरेकà¥à¤Ÿà¤° को ठीक से पेश नहीं किया गया है। शाहिद-करीना की कैमेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ उमà¥à¤¦à¤¾ है। आरती छाबरिया के लिठकरने को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› नहीं था। सतीश शाह का à¤à¥€ ठीक से उपयोग नहीं किया गया।
à¤à¤¡à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बेरहमी से की गई है और कई सीन अधूरे से लगते हैं। हिमेश रेशमिया ने à¤à¤•-दो गीत सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ लायक बनाठहैं।
कà¥à¤² मिलाकर ‘मिलेंगे मिलेंगे’ à¤à¤• औसत दरà¥à¤œà¥‡ की फिलà¥à¤® है।








