पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू (Deep Sidhu) की मंगलवार को हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई । दीप सिद्धू बीते साल हुए किसान आंदोलन के दौरान चर्चा में आए थे । यह सड़क हादसा शाम साढ़े 8 बजे सोनीपत जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर हुआ ।

दीप सिद्धू की सड़क हादसे में मौत
बठिंडा के रहने वाले दीप सिद्धू, जो एक सोशल एक्टिविस्ट भी थे, किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी 2021 को लाल किले पर हुए उपद्रव के मुख्य आरोपियों में से एक थे । दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 9 फरवरी को इस मामले में गिरफ्तार किया था । हालांकि बाद में 16 अप्रैल को दीप सिद्धू को एक कोर्ट से जमानत मिल गई थी ।
जानकारी के मुताबिक कुंडली थानाक्षेत्र के अंतर्गत ये हादसा रात करीब 9.30 बजे हुआ । दीप सिद्धू अपनी कार खुद चला रहे थे और KMP एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली से बठिंजा जा रहे थे । इसी दौरान खरखौदा के पास उनकी स्कॉर्पियो कार एक ट्रक में जा घुसी । हादसे के बाद दीप को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके ब्रॉट डेड घोषित कर दिया गया । वहीं उनके साथ गाड़ी में सवार एक महिला मित्र दुर्घटना में घायल हुई हैं ।
दीप सिद्धू के निधन पर पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने शोक व्यक्त किया है । उन्होंने ट्वीट किया, "मशहूर अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता दीप सिद्धू की निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ । मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवार और फैंस के साथ हैं ।"
लाल किला हिंसा मामले में हुए थे गिरफ़्तार
दीप सिद्धू को पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े अभनेता माने जाते थे । दीप ने फिल्म रमता जोगी के ज़रिए पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया था । इस फिल्म के बाद वो जोरा चैप्टर 1 और जोरा चैप्टर 2 में नज़र आए थे । उनकी ये दोनों फिल्में सुपरहिट रही थीं. सिद्धू को इन्हीं फिल्मों के चलते पंजाब में जोरा के नाम से भी जाना जाता था ।
गौरतलब है कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किला हुई हिंसा थी । किसान आंदोलन के दौरान पिछले साल लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में अभिनेता दीप सिद्धू का नाम सामने आने के बाद उन्हें इस मामले में पिछले साल 9 फरवरी को गिरफ्तार भी किया गया था । उन पर दंगा, आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास और डकैती की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था । उन्हें अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दे दी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तिहाड़ जेल से लाल किले को कथित तौर पर "नुकसान पहुँचाने" के आरोप में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया था ।
















