केरल में कुछ शरारती तत्वों ने एक गर्भवती हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खिला दिया । पटाखे हथिनी के मुंह में फट गए और हथिनी के गर्भ में पल रहे बच्चे समेत उसकी मौत हो गई । यह दर्दनाक घटना वन विभाग के एक अधिकारी ने तस्वीरें सोशल मीडिया में पोस्ट कीं । कुछ ही देर में सोशल मीडिया में ये तस्वीरें वायरल हुईं और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा । बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर भी इस अमानवीय घटना से सख्त नाराज नजर आई । पशुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए काम करने वाले विभिन्न संगठनों और जानवरों की सुरक्षा के लिए मुखर रहने वाली, श्रद्धा कपूर ने अपने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को संबोधित किया ।

श्रद्धा कपूर ने पशु क्रूरता के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कही
सोशल मीडिया पर अपनी व्यापक पहुंच और प्रभाव का उपयोग करते हुए, श्रद्धा ने क्रूरता के खिलाफ सख्त कानून लागू करने के लिए एक याचिका के बारे में जानकारी भी साझा की है । अभिनेत्री ने साझा किया,“हमें पशु क्रूरता के खिलाफ सख्त कानूनों की आवश्यकता है । यह अब बेहद ज़रूरी है। कृपया इस याचिका पर हस्ताक्षर करें। ”
We need stricter laws against animal cruelty. It’s HIGH time. Please sign this petition. https://t.co/ynSwMNlqh4
— Shraddha (@ShraddhaKapoor) June 3, 2020
चिड़ियाघर पर प्रतिबंध लगाने के बारे में जागरूकता बढ़ाने से लेकर सड़कों पर रहने वाले जानवरों की मदद करने तक, श्रद्धा 'पशु कल्याण और अधिकार' के लिए ध्वजवाहक बन गयी हैं । अभिनेत्री ने हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय पशु अधिकार संगठन के साथ मिलकर चिड़ियाघर में जानवरों के साथ होने वाले कठोर उपचार को हाईलाइट किया था ।
इंस्टाग्राम पर लिखा लंबा-चौड़ा पोस्ट
श्रद्धा ने अपने इंस्टाग्राम पर इस घटना के बारे में विस्तार से बात करते हुए कहा, “एक गर्भवती हाथी को केरल में अज्ञात लोगों द्वारा पटाखों से भरा अनानास खिलाया गया है, जो उसके मुंह में विस्फोट हो गया और उसका जबड़ा क्षतिग्रस्त हो गया है । वह गाँव में घूमती रही और आखिरकार एक नदी में खड़े-खड़े गुजर गई । हम राक्षसों की तलाश करते हुए उम्मीद करते हैं कि उनके सिर पर शैतान के सींग होंगे । लेकिन अपने चारों ओर देखो, ये शैतान तुम्हारे आस-पास चलते हैं । आवारा कुत्ते पर पत्थर फेंकने वाले से लेकर जीवित आत्मा को चोट पहुँचाने तक, एक व्यक्ति को चुनो ।
इनमें से बहुत से जानवर इंसानों पर भरोसा करते हैं क्योंकि अतीत में उनके द्वारा मदद की गई होती है । यह क्रूरता माप से भी परे है । जब आपके पास सहानुभूति और दया की कमी होती है, तो आप इंसान कहलाने के लायक नहीं होते । किसी को चोट पहुँचाना मानवीय नहीं है । इसमे सिर्फ़ सख्त कानून मदद नहीं करेगा । हमें कानून का भी सभ्य निष्पादन चाहिए । जब तक दोषियों को सबसे खराब तरीके से दंडित नहीं किया जाता है, तब तक यह दुष्ट राक्षस कानून से कभी नहीं डरेंगे ।”
















