20 अगस्त 1976 को रोहतक, हरियाणा में जन्मे रणदीप हुड्डा सिर्फ एक शानदार अभिनेता ही नहीं, बल्कि निर्माता, लेखक और निर्देशक भी हैं। दमदार अदाकारी और हटके फिल्मों के लिए जाने जाने वाले रणदीप ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन पर्दे के पीछे उनकी ज़िंदगी के कई ऐसे पहलू हैं जिनसे उनके प्रशंसक कम ही वाकिफ़ हैं। जन्मदिन के मौके पर आइए जानें रणदीप हुड्डा के कुछ ऐसे अनसुने किस्से, जो बताते हैं कि वो सिर्फ़ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं बल्कि कहानीकार, खेल प्रेमी और जुनून से भरे इंसान भी हैं।

Happy Birthday Randeep Hooda: वेटर से बॉलीवुड स्टार बनने तक का दिलचस्प सफर, ऐसे ही रणदीप हुड्डा के बारें में कुछ अनसुने फैक्ट्स

स्कूल से ही बने निर्देशक और अभिनेता

रणदीप की अभिनय और निर्देशन की यात्रा स्कूल के दिनों से ही शुरू हो गई थी। कम उम्र में ही वे नाटक लिखने, निर्देशित करने और अभिनय करने लगे थे। यही शुरुआत आगे चलकर उनके बहुमुखी करियर की नींव बनी।

ऑस्ट्रेलिया में वेटर से ‘बॉलीवुड स्टार’ तक

पढ़ाई के दिनों में रणदीप ने ऑस्ट्रेलिया में एक चाइनीज़ रेस्टोरेंट में वेटर का काम किया। मज़ेदार बात यह थी कि रेस्टोरेंट का मालिक उन्हें ग्राहकों से “बॉलीवुड स्टार धर्मेंद्र” कहकर मिलवाता था। शायद ये भी इशारा था कि रणदीप का असली सफ़र फिल्मों में ही लिखा है।

संघर्ष से सितारा बनने तक

रणदीप को बॉलीवुड में आने से पहले कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने पढ़ाई के साथ छोटे-मोटे काम किए। मुंबई जब पहली बार आए, तो उनके पास सिर्फ़ ₹1,500 और एक सपना था — इस मायानगरी में अपने लिए मुकाम बनाने का।

हॉलीवुड में भी चमका सितारा

रणदीप की हॉलीवुड पारी साल 2020 में एक्सट्रैक्शन से शुरू हुई, जिसमें उन्होंने क्रिस हेम्सवर्थ के साथ काम किया। इस फिल्म के बाद उनकी दोस्ती निर्देशक सैम हार्ग्रेव से और गहरी हुई। दोनों अब दोबारा फिल्म मैचबॉक्स में साथ नज़र आएंगे, इस बार रणदीप हॉलीवुड स्टार जॉन सीना के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। यह फिल्म 2026 में रिलीज़ होगी।

घुड़सवारी के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी

रणदीप स्क्रीन पर ही नहीं, मैदान में भी धाक जमाते हैं। वह राष्ट्रीय स्तर के अश्व खिलाड़ी हैं और शो जम्पिंग व ड्रेसाज जैसी प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुके हैं। उनका खेल प्रेम मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ़ स्पोर्ट्स, राय (सोनीपत) में पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ। आज रणदीप के पास 6 घोड़े हैं, वे सारे मुंबई के महालक्ष्मी अस्तबल में रहते हैं। घोड़ों के प्रति उनका लगाव आज भी उनकी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है।