
सेंसरशिप में सुधार लाने के लिए फिल्मकार श्याम बेनेगल के नेतृत्व वाली सेंसर बोर्ड सुधार समिति ने सभी प्रकार के सेंसर कटौती को खत्म करने और प्रमाणीकरण की चार (बिना किसी कांट-छांट के) श्रेणियां बनाने की सिफ़ारिश की है । इन श्रेणियों में से एक 'एडल्ट विद कॉशन' व्यस्क की भी होगी जो व्यस्कों को भी सिनेमा देखते हेतु सावधानी बरतने का संकेत देगी ।
फिल्म प्रमाणन सेंसर बोर्ड , (सीबीएफसी) के अध्यक्ष पहलाज निहलानी कहते हैं, कि उन्हें सुझाए गए सुधारों की कोई प्रति प्राप्त नहीं हुई है, न ही सेंसर बोर्ड बेनेगल द्दारा सुझाए गए परिवर्तन को लागू करने के लिए उत्तरदायी है ।
पहलाज निहलानी कहते हैं, श्याम बेनेगल के नेतृत्व वाली सेंसर बोर्ड सुधार समिति के सुझावों पर अब संसद के शीतकालीन सत्र में चर्चा की जाएगी । वास्तव में उन्हें पहले से ही शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए पेश कर दिया गया है । बेनेगल द्दारा दिए गए सुझाव तभी लागू होंगे जब संसद इन सुझावों को मंजूरी दे देती है और पास कर देती है तभी सीबीएफसी से इन परिवर्तन को लागू करने के लिए कहा जाएगा । इस समय, हम यानी सीबीएफसी , बेनेगल की सुझावों पर विचार करने के लिए बाध्य नहीं हैं ।
















