SRK-Mannat

पिछले साल, वॉचडॉग फ़ाउंडेशन से मिली शिकायत के बाद जब बीएमसी के अधिकारियों ने शाहरुख के बंगले के बाहर अवैध रूप से बनाए गए सीमेंट के रैंप को हटाने का नोटिस भेजा था उस दौरान शाहरुख खान का बंगला मन्नत खबरों में आया था । अब एक बार फ़िर शाहरुख खान का बंगला मन्नत मुश्किलों में घिरता हुआ नजर आ रहा है । दरअसल, शाहरुख को उनके बंगले के कारण स्थानीय समूह द्वारा विरासत के नियमों का उल्लंघन करने का आरोपी बनाया गया है । वॉचडॉग फ़ाउंडेशन ने शाहरुख खान के बंगले को जब्त करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को एक याचिका लिखी है ।

वॉचडॉग फ़ाउंडेशन की निकोलस अल्मीडा ने हाल ही में ये खुलासा किया की वो ये केस साल 2013 से लड़ रहे हैं । घर के बाहर रैम्प बना कर शाहरुख ने 300 साल पुराने सीमेंट की सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है जिससे द लेडी ऑफ़ माउंट मैरी के लिए उनकी ड्यूटी प्रभावित हो रही है । इसलिए शिकायत दर्ज कराने के 18 महीने बाद, बीएमसी ने उस अवौध रैंप को मजबूरन ध्वस्त कर दिया । रैंप के ध्वस्त हो जाने के बाद, शाहरुख को इसके लिए 1.93 का भुगतान भी करना पड़ा था । उन्होंने आगे कहा कि, इस मुद्दे को गहराई से देंखे तो, यह स्पष्ट रूप से मुंबई के कलेक्टर द्वारा लिखा गया था कि यदि शाहरुख खान और गौरी खान सीआर जेड में किसी भी शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो लीज़ रद्द होना स्वाभाविक है । उन्होंने कहा कि, शाहरुख खान ने अवैध निर्माण किया है जो साबित जो चुका है । इस तरह ये शर्तों का उल्लंघन हुआ है और इसलिए शर्तों के मुताबिक उनके बंगले मन्नत को मुंबई के कलेक्टर द्दारा जब्त किया जाना है । यही कारण है कि उन्हें कलेक्टर को लिखना पड़ा है । उन्होंने उनकी शिकायत को तहसीलदार और बीएमसी को भेजा है और उनसे कहा कि इसके खिलाफ़ आगे की कार्यवाही की जाए । लेकिन एक बार फ़िर इस केस को दबा दिया गया । हम इस मामले पर कलेक्टर के ऑफ़िस से जवाब आने का इंतजार कर रहे हैं ।

अल्मीडा के अनुसार, मन्नत का असली नाम विला वियना था । इसलिए, विरासत कानून के अनुसार, कोई भी इसका नाम नहीं बदल सकता । लेकिन इसका नाम विला वियना से मन्नत बदल दिया गया । और यदि शाहरुख नाम बदलते हैं तो कानून के अनुसार, उन्हें दोनों नाम रखने पड़ते

हैं–वास्तविक नाम और पुराना नाम । शाहरुख ने इस कानून का भी उल्लंघन किया है ।

हालांकि, शाहरुख खान के बंगले के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि ये सब आरोप पब्लिसिटी पाने के लिए किया गया है और कुछ नहीं । सूत्रों के मुताबिक, उस रैंप को ध्वस्त कर दिया गया और बाद में, बीएमसी का नोटिस आया । तो टेक्निकल ध्वस्त किया गया रैंप मन्नत की ही प्रोपर्टी थी जैसा की टेक ओवर नोटिस ध्वस्त होने के बाद आया । विध्वंस के बाद, 4 मार्च 2015 को 1.93 लाख रु का बिल उठाया गया था और इससे पहले कोई विवाद खड़ा हो अगले दिन ही उस बिल का भुगतान कर दिया गया था । तो इसलिए रैंप कोई उल्लघंन नहीं था और न ही कोई बकाया देय बाकी है ।