बॉलीवुड अभिनेता से फ़िल्ममेकर बने राहुल बोस इन दिनों अपनी फ़िल्म पूर्णा के प्रमोशन में व्यस्त हैं । यह फिल्म पूर्णा मालावत की असल जिंदगी पर आधारित है जिसने 13 साल की छोटी सी उम्र में एवरेस्ट की सबसे ऊंची चोटी फतह की थी । उनके नाम एवरेस्ट पर चढ़ने वाले सबसे छोटे पर्वतारोही का विश्व रिकॉर्ड है । राहुल बोस ने न अकेवल यह फ़िल्म निर्देशित और प्रोड्यूस की बल्कि उन्होंने इसमें अभिनय भी किया है । चूंकि पूर्णा सिनेमाघरों में 31 मार्च को रिलीज हो रही है । फिल्म की रिलीज से पहले राहुल बोस ने बॉलीवुड और खेल जगत के सितारों के लिए फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी । फिल्म देखने पहुंचे ज्यादातर सितारों को फिल्म खासी पसंद आई और फ़िल्म की जमकर तारीफ़ की ।

स्क्रीनिंग पर अनिल कुंबले, विराट कोहली, संजय बांगर, आश्विन, इशांत शर्मा, अजिंक्य रहने, भुवनेश्वर कुमार, चेतेश्वर पुजारा, उमेश यादव, अभिनव मुकुंद, कारन नायर, के एल राहुल, व्रिद्दिमन सहा, आर श्रीधर,पैट्रिक फरहत, अनिल पटेल , रविंदर जडेजा और जयंत यादव यह सभी क्रिकेटर्स नजर आये । सभी क्रिकेटर्स ने फिल्म को खूब पसंद किया और उन्होंने बताया की फिल्म हर इंसान की जिंदगी मे उसको कुछ कर दिखने की प्रेरणा देती है। राहुल पूर्णा से मिलकर इतने प्रेरित हुए थे की उन्होंने उसके जिंदगी के सफर पर एक फिल्म ही बनाने का फैसला लिया। फिल्म देखने के बाद क्रिकेटर्स और फ़िल्मी सितारों की राय कुछ इस तरह रही…।

विराट कोहली : मैं राहुल और उनकी टीम को मुबारक बाद देना चाहता हूँ की उन्होंने इतनी बेहतरीन फिल्म बनायीं हैं। हम लोग उनके इस जेस्चर से बहुत प्रभावित हो गए थे और इस फिल्म से बहुत कुछ सीखने को मिलता हैं। जिस तरह से उन्होंने फिल्म को बनाया हैं, पूर्णा और उसके साथी आनंद की मासूमियत को दिखाया हैं की कैसे उन्होंने हिमालय की चोटी चढ़ी, यह सब देखने में बहुत अच्छा लगा। यह फिल्म हमें बहुत कुछ सिखाती है की अगर हम किसी चीज में विश्वास रखते है तो उसको जरूर पा सकते है और उसके प्राप्त करने के लिए हमारे पास बहुत बड़ा कारण होना चाहिए। मै सबको कहूंगा की यह फिल्म जरूर देखे और न सिर्फ देखे बल्कि इस फिल्म से कुछ सीखे भी। इस देश के लड़कियों को बोलूंगा की वह अपने अपने जीवन में आगे बढे और कुछ ऐसे ख़ास चीजे करे जो हर दिन नहीं की जा सकती। यह फिल्म मेरे बहुत करीब है। मैंने इस फिल्म से काफी कुछ सीख लिया है और आगे भी सीखूंगा। इस अनुभव के लिए बहुत बहुत धन्यवाद और मेरी तरह से ढेरो शुभकामनाएं। विद्या बालन : मैंने काफी लंबे समय से पूर्णा फिल्म जैसे अच्छी फिल्म नहीं देखि हैं। में फिल्म देखने के दौरान रोई और साथ में बहुत कुछ सीखा भी। लाजवाब अदाकारी। ज़ोया अख्तर : मुझे तो पता ही नहीं था की कोई ऐसे छोटी लड़की भी है और अब जब मुझे पता चल गया है तो अब चीजे पहले जैसे नहीं रहेंगी। पूर्णा फिल्म बहुत प्रेरणादायक है और सबको जरूर देखनी चाहये। विशाल भरद्वाज : 'पूर्णा' बहुत अच्छी कहानी है और बहुत अच्छे तरीके से यह कहानी बड़े परदे पर बताई गयी हैं। फिल्म काफी इमोशनल है और साथ साथ थ्रिल्लिंग भी। आप पूरी फिल्म में उस छोटी लड़की के लिए चाहते हो की वह अपने लक्ष्य हिमालय पर चढ़ने को पूरा कर ले। राहुल और उनकी टीम ने बहुत अच्छी फिल्म बनायीं हैं। अनिल कुंबले : यह बहुत ही प्रेरणादायक कहानी हैं जिससे राहुल ने बहुत अच्छे

तरीके से बताया हैं। में राहुल और उनकी टीम को मुबारकबाद दूंगा इतनी बेहतरीन फिल्म बनाने के लिए। साथ साथ पूर्णा को भी मुअबराक दूंगा की वह पहली सबसे छोटी उम्र वाली लड़की बानी जिसने हिमालय की छोटी को चढ़ा। मुझे लगता है की हर पूर्णा के पीछे एक प्रवीण कुमार होता है और प्रवीण कुमार और पूर्णा की कहानी को इस फिल्म में राहुल ने बहुत अच्छे से दर्शाया हैं। एक बार फिर मुबारकबाद और मुझे उम्मीद है की बहुत से लोग इस फिल्म को देखने के बाद प्रेरित होंगे। हमे यह फिल्म दिखाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद्। शबाना आज़मी : पूर्णा फिल्म आपको हिला देती हैं। आपको प्रेरित करती हैं, आपको रुलाती हैं, और आखिर में आपको गर्वित करती है उस छोटी लड़की की उपलब्धियों पर। में इस फिल्म को ख़ुशी ख़ुशी दोबारा जरूर देखूंगी। विपुल शाह : पूर्णा फिल्म इमोशन है और साथ साथ थ्रिल्लिंग भी। फिल्म में काफी अच्छी अदाकारी दिखाई गयी है और फिल्म टेक्निकली बहुत साफ़ हैं। राजकुमार राव : पूर्णा जीत है इंसान की म्हणत की, उसके आकांशाओ की और उसकी हिम्मत की। एक छोटी सी लड़की जो की भारत के छोटे से गाँव से है उसने इतनी काम उम्र में असंभव को संभव बनाया। यह दिल को चुने वाली १३ साल की बच्ची की कहानी है जिसने हिमालय पर चढ़ कर इतिहास रच दिया था। अतुल कस्बेकर : पूर्णा फिल्म एक ख़ास फिल्म है एक बहुत ख़ास और बहुत ही प्रेर्णाजनक छोटी सी लड़की के बारे में। एक १३ साल की छोटी लड़की जिसने हिमालय की छोटी को चढ़ का विश्व रिकॉर्ड बनाया। अतुल्य उपलब्धि। आनंद गाँधी : राहुल बोस ने अपनी फिल्म में एक छोटी उम्र की लड़की को उम्मीद से देखा हैं ,जिस तरह उसके गुरु को उसपर विश्वास था, उसकी जीत एक जरुरत थी , और उसकी इच्छा शक्ति अभेद्य थी। राहुल ने पूर्णा को बहुत करीब से और बहुत ही वार्मथ के साथ दर्शाया हैं। उन्होंने अपने किरदार

अदिति इनामदार के द्वारा इस साल की सबसे उन्दा प्रदर्शन करवाया हैं।

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