आज के समय में हॉलीवुड या कोरियन फ़िल्मों को उठाना या उनसे प्रेरित होकर फ़िल्म बनाना आम बात हो गई है, जो कि एक तरह से आत्मघाती कदम है । 90 के दशक में हॉलीवुड फ़िल्में देखने वालों की संख्या काफ़ी कम थी । और सोशल मीडिया भी उस समत मौजूद नहीं थी । इसलिए तब, फ़िल्ममेकर्स विदेशी फ़िल्म उठाकर उसे अपना रूप देकर पेश कर सकते थे । लेकिन पिछले 10 सालों से दुनिया भर में सभी फिल्मों के लिए दर्शकों की मौजूदगी हो गई है । ऐसे में यदि कोई फ़िल्म की नकल होती है तो तुरंत ये बात फ़ैल जाती है । आपको साल 2012 में रिलीज हुई बर्फ़ी याद है, उसकी रिलीज के एक दिन के अंदर-अंदर उन सीन की पूरी की पूरी वो लिस्ट सामने आ गई जिन्हें विदेशी फ़िल्म से उठाया गया था ।

और अब ऐसा ही वाकया हुआ, कल रिलीज हुए रानी मुखर्जी अभिनीत यशराज फ़िल्म की अगली फ़िल्म हिचकी के ट्रेलर के साथ । यह फ़िल्म टूरेट सिंड्रोम से पीड़ित एक महिला की कहानी के इर्द गिर्द घूमती है । इस बीमारी के चलते वह अटक-अटक कर बोलती हैं और बोलते समय हिचकी भी आती है । लेकिन इस कमी के बावजूद भी वह महिला स्कूल टीचर बनना चाहती है । और इसी महिला का किरदार रानी मुखर्जी निभा रही है । जैसे ही इस फ़िल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ वैसे ही इंटरनेट पर ये खबर तेजी से फ़ैल गई कि ये फ़िल्म साल 2008 में आई हॉलीवुड फ़िल्म फ़्रंट ऑफ़ द क्लास से काफ़ी मिलती-जुलती है । यह ब्रैड कोहेन के जीवन से प्रेरित है, जो वास्तविकता में टॉरेट सिंड्रोम से ग्रस्त है । दोनों ही फ़िल्मों में मुख्य कलाकार इस बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद टीचर बनना चाहते है । लेकिन उनकी कमी की वजह से उन्‍हें कई स्‍कूल में इंटरव्‍यू के दौरान ही रिजेक्‍ट कर दिया जाता है । दोनों अपनी फ़िल्मों में एक ही बात कहते सुनाई देते है कि टीचिंग ही एकमात्र ऐसा पेशा है जिसे वो करना चाहते है । समानताएं अनदेखी करने के लिए बहुत अधिक हैं ।

वेस्टर्न स्टूडियोज ने भारत में भी अपने ऑफ़िस बनाए हुए है और उन्होंने नॉक आउट,बंदा ये बिंदास है इत्यादि जैसी फ़िल्मों पर मुकदमा दायर किया है (बाद में कानूनी मामलों की वजह से कभी भी जारी नहीं किया गया) जब उन्हें पता चला कि ये फ़िल्में बहुमात्रा में नकल की गई थी । ट्रोलिंग और आलोचना से बचने के लिए ही कई फ़िल्ममेकर्स फ़िल्म के राइट्स खरीदना बेहतर समझते है । लेकिन इसके बावजूद भी हाल ही के समय में कई फ़िल्में भारी विवादों में फ़ंसी जैसे-एक विलेन, एन एच 10, उड़ता पंजाब इत्यादि ।

दिलचस्प बात यह है कि ब्रैड कोहेन ने कल हिचकी के ट्रेलर को लिंक करते हुए ट्वीट किया अपने ऑफ़िशियल अकाउंट पर और उसमें कहा कि उनकी फ़िल्म फ़्रंट ऑफ़ द क्लास भारत में फ़िर से बनाई गई है । क्या इसका मतलब यह है कि फिल्म के शुरू होने से पहले हिचकी के मेकर्स ने फ़्रंट ऑफ़ द क्लास के अधिकार खरीदे हैं ? और यदि ऐसा है तो सवाल ये उठता है कि यशराज फ़िल्म्स ने ये पहलू क्यों छुपाया ? आमतौर पर ट्रेलर के अंत में क्रेडिट में ये उल्लेख किया जाता है कि फ़लां फ़िल्म किससे प्रेरित है । लेकिन हिचकी के ट्रेलर में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया । कहानी और पटकथा के लिए श्रेय देने वाले चार लेखकों में सिद्धार्थ पी मल्होत्रा (निर्देशक भी), अंकुर चौधरी, अंबर हदप और गणेश पंडित हैं । यशराज फिल्म्स के मेकर्स को यह जानना चाहिए था कि कुछ ही मिनटों के भीतर, यह स्पष्ट हो जाएगा कि हिचकी और फ्रंट ऑफ द क्लास समानता रखती हैं और यह फ़िल्म के लिए नकारात्मक छवि पैदा करेगा ।

दिलचस्प बात ये है कि सिद्धार्थ पी मल्होत्रा की दूसरी निर्देशित फ़िल्म है , उनकी पहली फ़िल्म वी आर फ़ैमिली थी, जो कि स्टेपमॉम का ऑफ़िशियल रीमेक थी ।