बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर करण जौहर सिंगल पेरेंट हैं । वह साल 2017 में सेरोगेसी के जरिए दो बच्चों के पिता बने थे । करण की मां हीरू जौहर उनके जुड़वा बच्चों यश और रूही के लिए मां का रोल निभाती है । हाल ही में करण ने एक इंटरव्यू के दौरान दोनों बच्चों की अकेले परवरिश करने के बारे में बात की है साथ ही उन्होंने कहा कि सिंगल पेरेंट होना आसान नहीं है ।

करण जौहर के लिए आसान नहीं है सिंगल पेरेंट होना
करण के साथ उनके जुड़वा बच्चे यश और रूही भी सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं । करण के दोनों बच्चे अब बड़े हो रहे हैं और वो अपनी मां के बारे में सवाल पूछने लगे हैं । इसका खुलासा ख़ुद करण ने हाल ही में द फेय डिसूजा शो के दौरान किया । उन्होंने बताया कि उनके बच्चे पूछने लगे हैं कि उन्हें किसने जन्म दिया है । करण ने बताया कि अब बच्चे उनकी मां का नाम पूछते हैं । करण बोले, “हमारी एक मॉडर्न फैमिली है । कुछ अजीब सी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं जैसे बच्चे पूछते हैं-हम किसके पेट से पैदा हुए हैं । मम्मा हमारी रियल मम्मा नहीं हैं, वो तो दादी हैं । मैं काउंसलर के पास जा रहा हूं ताकि इस परिस्थिति से जूझने का तरीका निकाल सकूं । ये बिल्कुल आसान नहीं है, पेरेंटिंग बिल्कुल भी आसान नहीं है ।'
करण यह भी बताया कि उन्हें अपने बच्चों को किसी चीज के लिए टोकने पर भी डर लगता है । करण ने कहा, “जब मैं अपने बेटे को चीनी खाते और उसका वजन बढ़ते देखता हूं तो मेरा दिल टूट जाता है । मैं इसे लेकर बहुत परेशान रहता हूं । मैं उसे यह नहीं बताना चाहता क्योंकि यह वह उम्र है जब मैं चाहता हूं कि वह लाइफ इंजॉय करे । मैं चाहता हूं कि वह खुश और बेफिक्र रहे क्योंकि वह एक हैप्पी बच्चा है । लेकिन मैं जेनेटिक हिस्ट्री देख सकता हूं । मैं इसे दोष नहीं कह सकता मुझे यह मेरी मां से मिला है और मुझे पता है कि उसे यह मुझसे मिला है ।”
करण ने आगे कहा, “मैं उसे गेम्स खेलने, फुटबॉल खेलने, क्रिकेट खेलने, वे सभी चीजें करने के लिए इंस्पायर करता हूं जो मैंने नहीं कीं और फिर मैं खुद से सोचता हूं, ‘मुझे इस तरह का पेरेंट नहीं बनना चाहिए ।’ मैं ऐसा नहीं बनना चाहता था । मैं चाहता हूं कि मेरा बच्चा अपनी पसंद से आगे बढ़े । मैं अपने बच्चों को इनसेंसिटिव बातें ना कहने के लिए असल में संघर्ष करता हूं । एक बार छुट्टियों में मैंने अपने बेटे से कहा, ‘यश, तुम्हारा वजन बढ़ गया है ।’ यह कहने के तुरंत बाद मुझे बहुत खेद हुआ । मैं अपने कमरे में गया और अपने आप से कहा ‘तुमने ऐसा क्यों किया ?’ फिर मैं बाहर गया, उसे गले लगाया, और कहा, मुझे सच में खेद है, कृपया जो खाना है खाओ ।”
















