बॉलीवुड एक्टर सलमान खान आज 27 दिसंबर को अपना 57वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं । सलमान खान के बर्थडे के खास मौके पर उनकी फैमिली और फ्रेंड्स के लिए बीती रात अर्पिता शर्मा और आयुष शर्मा के घर एक ग्रैंड पार्टी आयोजित की जिसमें बॉलीवुड के कई सेलेब्स ने शिरकत की । सलमान खान न केवल अपनी शानदार स्क्रीन उपस्थिति और बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं, बल्कि अपने 'बीइंग ह्यूमन' व्यवहार के लिए भी जाने जाते हैं । पिछले महीने धारावी बैंक के प्रमोशन के दौरान सुनील शेट्टी ने बॉलीवुड हंगामा से एक्सक्सलूसिव बात करते हुए, समाज के लिए इतना कुछ करने के लिए सलमान और उनके माता-पिता के इस अनसुने पक्ष की प्रशंसा की । 91bf481f-aa62-4511-995f-469c3082c240

सलमान खान दिल से भी 'बीइंग ह्यूमन'

दो साल पहले, बॉलीवुड हंगामा के साथ एक एक्सक्सलूसिव इंटरव्यू में, सुनील शेट्टी ने खुलासा किया कि कैसे उन्होंने 1996 में 128 तस्करी की गई लड़कियों को बचाया और उन्हें वापस नेपाल भेजा । साथ ही सुनील ने यह भी बताया सलमान के स्ट्रगलिंग डेज़ में सुनील ने उन्हें अपने स्टोर से मुफ्त में जूते और शर्ट भी दिए जिसके बदले में सलमान सुनील के स्टोर के बाहर बैठकर उनके स्टोर का प्रमोशन करते थे । सलमान ने कहीं ना कहीं बीइंग ह्यूमन का आइडिया सुनील शेट्टी से ही लिया था । 

जब सुनील शेट्टी से पूछा गया कि क्या वह इस बात से सहमत हैं कि कहीं न कहीं उनके दयालु रवैये और अच्छी इमेज की वजह से लोग उन्हें इतना प्यार करते हैं ? इसके जवाब में सुनील ने कहा, “नहीं ऐसा नहीं है । क्योंकि मैं एक सेलेब्रिटी हूं, ये सारी चीजें अच्छी लगती हैं । एक सामान्य इंसान को यही करना चाहिए । अगर मैं ऑटो रिक्शा में यात्रा करता हूं, तो लोग कहेंगे, 'क्या साधारण आदमी है यार। ऑटो में जाता है'! मेरे अभिनेता बनने का मतलब यह नहीं है कि मैं सुपर ह्यूमन हूं! सलमान खान एक अच्छे इंसान हैं और इसलिए वह इस तरह की बातें करते हैं । मैंने उसके लिए क्या किया ? मैंने कुछ नहीं किया। सलमान खान ने कई साल पहले अपना बोन मैरो किसी को डोनेट किया था । अब वह एक ऐसा आदमी है जो समाज में बदलाव चाहता है और इसलिए भगवान उस पर मेहरबान हैं । भगवान उनकी देखभाल कर रहे हैं । वह भगवान का पसंदीदा बच्चा है !

सुनील ने आगे कहा, “इसी तरह, कल कोई यह खबर फैला सकता है कि 'सुनील शेट्टी एक बूढ़ी औरत को सड़क पार करने में मदद करते हैं'। इसमें क्या बड़ी बात है यार! हर कोई करता है। लेकिन क्योंकि वे सुनील शेट्टी नहीं हैं, इसलिए उनके बारे में बात नहीं की जाती है । हमारे पास ये विशेषाधिकार हैं । इसलिए मैं हमेशा अपने बच्चों से कहता हूं- हम ब्लैसड हैं । अच्छा करो और यह दस गुना बढ़ जाएगा । मैंने साधारण चीजें की हैं लेकिन चूंकि मैं एक सेलिब्रिटी हूं, तो यह मेरे पास 100 दफ़ा बढ़कर वापस आ रहा है ।

सुनील शेट्टी ने अंत में कहा, “हालांकि, मैं यह ज़रूर कहना चाहता हूं कि मैंने कुछ असाधारण नहीं किया । मेरे पिता ने इससे दस गुना अधिक किया । मांगने वालों को वह पैसे देते थे । मेरी मां और मेरे दादा-दादी, जो भी उनके घर आते, उन्हें खाना खिलाते । मैं उनसे पूछता कि 'वे कौन थे'। तो मुझे कहते , 'हमें नहीं पता । बस वे लोग भूखे थे। सिखों ने लंगर का आयोजन किया । इसमें कोई आश्चर्य नहीं की वे एक सम्मानित जाति हैं । वास्तव में, पूरे भारत का सम्मान किया जाता है क्योंकि हम 'अतिथि देवो भव' में विश्वास करते हैं । यह हमारे डीएनए में है !”