छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे छत्रपति संभाजी महाराज की वीरता पर बनी फ़िल्म छावा बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई है । फ़िल्म क्रिटिक्स के साथ-साथ दर्शकों को भी फ़िल्म बहुत पसंद आ रही है । फ़िल्म में जहाँ विक्की कौशल छत्रपति संभाजी महाराज के किरदार में नजर आए हैं वहीं उनके जिगरी दोस्त ‘कवि कलश’ के किरदार में विनीत कुमार सिंह नजर आए हैं जिन्हें दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा है । वैसे तो विनीत कुमार सिंह ने अपने करियर में अब तक कई शानदार परफॉरमेंस दी हैं लेकिन छावा में उनका रोल उनके करियर का बेस्ट रोल बताया जा रहा है और लोग तो उन्हें ‘फ़ायर’ तक कह रहे हैं । बॉलीवुड हंगामा के साथ एक्सलूसिव बातचीत में विनीत कुमार सिंह ने छावा को और उनके किरदार को मिल रहे प्यार पर ख़ुशी जताई साथ ही ये भी बताया कि, छावा में ‘कवि कलश’ के लिए उन्हें बिना किसी ऑडिशन के लिए ही साइन किया गया था क्योंकि उनके कास्टिंग डायरेक्टर और डायरेक्टर को उन पर भरोसा था कि, वो पूरी शिद्दत से इस किरदार को करेंगे ।

छावा के लिए बिना ऑडिशन के सेलेक्ट हुए विनीत कुमार सिंह
बॉलीवुड हंगामा के साथ एक्सलूसिव बातचीत में विनीत कुमार ने छावा की सक्सेस पर खुशी जताते हुए कहा, “बहुत ही खुशी की बात है और ये अनुभव बहुत ही खास है, मैंने अपने दो दशक के करियर में ये एक्सपीरियंस नहीं किया । जो प्यार मुझे दर्शकों से मिल रहा है । मैं भगवान का शुक्रगुजार हूँ, फैंस का और उन सभी लोगों का जिन्होंने इसे मुमकिन बनाया, मुझे आशीर्वाद दिया, मेरे बारें में सोचा । मैं उन सभी पत्रकारों का क्रिटिक्स का भी आभारी हूँ जिन्होंने मेरा हर मौक़े पर हौंसला बढ़ाया और मेरे बारें में, मेरे काम के बारें में हमेशा अच्छा लिखा । इसलिए मैं उन सभी लोगों का आभारी हूँ जिन्होंने मुझमें भरोसा दिखाया ।”
इसी इंटरव्यू,के दौरान जब विनीत से छावा में विक्की कौशल के साथ काम करने का एक्सपीरियंस और सेट पर दोनों की बॉन्डिंग के बारें में पूछा तो उन्होंने कहा, “बहुत ही बढ़िया थी । हम दोनों के बीच रियल लाइफ़ में भी एक ब्रदरहुड वाला कनेक्शन है । गैंग्स ऑफ़ वासेपुर में वो बिहाइंड द कैमरा थे क्योंकि वो असिस्टेंट डायरेक्टर थे और मैं एक्टर था और वहीं से हम एक दूसरे के साथ कनेक्ट हो गए थे । मैं हमेशा विक्की के लिए अच्छा ही चाहता था । 2010 में हम वासेपुर शूट करने गए थे । और आज 2025 है तो तब भी मैं हमेशा यही चाहता था कि, विक्की अच्छा मुकाम हासिल करे क्योंकि विक्की बहुत मेहनत करता है और अपने काम को लेकर बहुत गंभीर है । मैं विक्की की ग्रोथ देखकर बहुत खुश हूँ । और अब फाइनली हम छावा में एक्टर के रूप में एक साथ स्क्रीन पर आए हैं और फिर से फ़िल्म में भी वही हमारा ब्रदरहुड देखने को मिल रहा है ।हमारा जो एक दूसरे के प्रति सम्मान है, मित्रता है वो कहीं न कहीं स्क्रीन पर छलक कर आती है और लोगों को भी ये पसंद आ रहा है । थैंक्यू सो मच लक्ष्मण उतेकर सर, मैडॉक फिल्म्स, दिनेश विजन जिन्होंने मुझे ये मौक़ा दिया । और मैं ये अवसर पाकर बहुत खुश हूँ ।”
इसी के साथ विनीत ने छावा में ‘कवि कलश’ के किरदार को निभाने के लिए अपनी चुनौतियों के बारें में भी खुलकर बात की । उन्होंने कहा, “कवि कलशन को निभाने के लिए कई चैलेंजस थे मेरे सामने क्योंकि हर किरदार की अपनी जरूरतें होती हैं । किसी-किसी किरदार में वो जरूरतें बहुत ज़्यादा होती हैं । मेरे लिए चैलेंजिंग ये था कि मैंने इससे पहले कोई ऐतिहासिक किरदार नहीं किया था । इसलिए मेरी कोई इमेज भी नहीं थी ऐसी । लेकिन मेरे डायरेक्टर ने और कास्टिंग डायरेकर वैभव ने, जो मुझ पर ऐसा भरोसा जताया कि उन्होंने मेरा ऑडिशन तक नहीं लिया तो ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है । जहाँ मेरी एक ऐतिहासिक इमेज तक नहीं है, फिर भी उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया कि विनीत ये कर लेगा । तो इसके लिए मैं उनका भी शुक्रिया अदा करना चाहूँगा । बाक़ी उन्हें और सभी को ये पता है कि, यदि विनीत एक बार हाँ कर देता है तो तैयारियाँ जान लगा कर करता है ।मैंने अपनी तैयारियों की एक वीडियो भी पोस्ट की है जिसमें मैंने लाठी चलाना, तलवार चलाना, भाला चलाना, घुड़सवारी समेत कई तैयारियों को दिखाया है । करीब 11 महीने तक ये सब चला जिसमें शूटिंग भी शामिल है । इस दौरान मैं घायल भी हुआ, चोट लगी, घोड़े से गिरा कई चीजें हुईं । ये सब तैयारी फिजिकल थी ।”
विनीत ने आगे कहा, “बाक़ी जो मेरे किरदार कवि कलश का दूसरा पक्ष है उसके लिए मैंने बहुत सारी कविताएँ पढ़ी, तो बहुत मजा आया । उस दौरान मैं भी ख़ुद से कुछ कविताएँ लिख रहा था। फ़िल्म की स्क्रिप्ट बहुत अच्छी लिखी हुई थी, मेरा किरदार बहुत अच्छा लिखा हुआ था । इसके लिए मैं इरशाद कामिल साहब को धन्यवाद देना चाहूँगा जिन्होंने मेरे किरदार की सारी कविताएँ लिखी । इन सब ने मेरे किरदार को, और फ़िल्म को बहुत ख़ूबसूरत बना दिया है ।”
















