34 वर्षीय अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से बॉलीवुड में नेपिटिज्म, गुटबाजी और आउटसाइडर-इनसाइडर जैसे मुद्दों पर बहस छिड़ गई है । बॉलीवुड पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि यहां आउटसाइडर को प्रतिभाशाली होने के बाद भी काफ़ी संघर्ष करना पड़ता है जबकि इनसाइडर के लिए चीजें आसान हो जाती हैं । बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर फ़िल्ममेकर करण जौहर पर लगातार निधाना साधा जा रहा है । और अब आमिर खान के भाई फैजल खान, जो मेला फ़िल्म में आमिर के साथ नजर आए थे, ने बॉलीवुड हंगामा के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में फ़िल्म इंडस्ट्री को लेकर कई खुलासे किए । दो फ़िल्में देने के बाद फ़िल्मों से दूरी बनाने वाले फैजल खान ने करण जौहर को लेकर भी खुलासा किया ।

फैजल खान ने सुनाई आपबीती
सुशांत के निधन के बाद से बॉलीवुड पर कई तरह के आरोप लगना शुरू हो गए इस पर फ़ैजल ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि, “फ़िल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म, गुटबाजी है जो कि बहुत बुरी बात है । अगर आप फ़िल्मी फ़ैमिली से हैं तो आपको ब्रेक तो मिल जाएगा लेकिन सिर्फ़ एक चांस इसके बाद आपको अपनी हर फ़िल्म में अपना हुनर साबित करना होगा तभी आप लंबी रेस के घोड़े बनोगे । अन्यथा आप दो-तीन फ़्लॉप दीजिए उसके बाद आपको कोई नहीं पूछेगा फ़िल्म इंडस्ट्री में । मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ । लेकिन फ़िर मुझे अहसास हुआ कि मैं एक बुरा अभिनेता हूं । इसलिए मैंने 9 साल तक थिएटर किया जिस दौरान मैंने अपनी खामियों पर काम किया ।”
फ़िल्म इंडस्ट्री भी दूध की धुली नहीं है
इसी के साथ फ़ैजल ने ये भी कहा है कि दुख की बात ये है कि “फ़िल्म इंडस्ट्री में गुटबाजी और नेपोटिज्म है । लोग अपने लोगों को ही काम देते हैं उन्हें ही आगे बढ़ाते हैं । कलयुग है इसलिए भ्रष्टाचार हर जगह है । फ़िल्म इंडस्ट्री भी दूध की धुली नहीं है । सब अपना-अपना देखते हैं । यदि आपने एक फ़्लॉप दे दी तो फ़िर वो आपकी तरफ़ देखते भी नहीं है । आपके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है । ऐसा मेरे साथ भी हुआ है । आमिर की 50वें जन्मदिन की पार्टी में करण जौहर ने मेरे साथ अजीब बर्ताव किया । पार्टी के दौरान जब मैं किसी दूसरे इंसान से बात कर रहा था तो करण मुझे उस इंसान से बात करने से रोक रहे थे । करण ने उस इंसान को मेरे पास से हटाने की कोशिश भी की । इस तरह करण ने पार्टी में मुझे नीचा दिखाया और मेरा अपमान किया ।”
मुझे मेला के बाद कोई काम नहीं मिला
आमिर के साथ मेला करने के बारें में फ़ैजल ने बताया कि, “मेला रिलीज होने के बाद मुझे लगा कि लोग मेरा काम देखकर मुझे आगे काम देंगे । लेकिन ऐसा नहीं हुआ । मैं ऑफ़िस जाता था काम मांगने के लिए तो लोग मुझे ऑफ़िस में बिठाकर रखते थे । और कुछ डायरेक्टर्स के साथ तो अपॉइटमेंट भी नहीं मिलती थी । ये सब मैंने भी झेला है । लेकिन सौभाग्य से मैं एक फ़ाइटर हूं और भगवान पर आस्था रखता हूं । इसी के साथ मैंने अपना खुद का मूल्यांकन भी किया कि मैं कहां गलत हूं और कहां सही ।”
बाहर से आए लोगों ने अपनी जगह बनाई है
इसके अलावा फैजल ने आगे कहा कि “ऐसा नहीं है कि फ़िल्म इंडस्ट्री में बाहर के लोगों को जगह ही नहीं मिलती । शाहरुख खान, अक्षय कुमार, आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, यहां तक कि सुशांत सिंह राजपूत भी ऐसे अभिनेता रहे हैं जिन्होंने एक बाहरी होते हुए भी खूब नाम कमाया । कई सारी अभिनेत्रियों ने भी बाहर के होने के बावजूद अपना नाम कमाया । फ़िल्मी फ़ैमिली होने से चांस तो मिलेगा लेकिन टिक नहीं पाओगे । मेहनत तो करनी पड़ेगी । लक भी चाहिए लेकिन उससे पहले कठिन मेहनत चाहिए ।”
















