टेलीविजन इंडस्ट्री के उभरते अभिनेता आकाश नागी अब एक ऐतिहासिक शो, चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान में अहम रोल निभाते हुए नजर आने वाले हैं । आकाश नागी, जो अब तक वसुधा (Zee TV), मेरे देश की धरती (DD किसान) और बहुत हीरोइन बनती है (Amazon Mini) जैसे शोज़ में नजर आ चुके हैं, अब Sony TV के नए शो चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान में जाल उर्फ़ जालिब नामक अफगानी किरदार निभाते नजर आएंगे । यह शो 4 जून से हर रोज़ शाम 7:30 बजे प्रसारित होगा ।

ऐतिहासिक किरदार में आकाश नागी
आकाश का यह किरदार बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण है। ‘जालिब’ एक अफगानी है जिसे ग़ियासुद्दीन के आदेश पर राजपूती राज्य अजमेर में घुसपैठ के लिए भेजा जाता है। वह अपने साथी ‘जल’ के साथ मिलकर पृथ्वीराज चौहान और उनके पिता सोमेश्वर (रोल निभा रहे हैं रोनित रॉय) के खिलाफ गहरी साजिश रचता है। कहानी चालुक्य जैसे दूसरे राज्यों तक भी जाती है, जहां सत्ता और रणनीति की टक्कर देखने को मिलेगी।बॉलीवुड हंगामा के पास आकाश का उनके किरदार ‘जालिब’ के रूप में फर्स्ट लुक भी है ।

इस रोल के लिए आकाश ने अफगानी और मारवाड़ी दोनों बोलियों में अपने डायलॉग्स बोले हैं, जिससे उन्हें भाषाई और अभिनय कौशल को निखारने का अवसर मिला। वे बताते हैं कि 'वसुधा' में 'अजय' का किरदार निभाने के दौरान मिली मारवाड़ी भाषा की पकड़ इस किरदार में बहुत काम आई।
शो चक्रवर्ती सम्राट पृथ्वीराज चौहान में आकाश को रोनित रॉय सर, अक्षय आनंद सर और पद्मिनी कोल्हापुरी मैम जैसे अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने और सीन सुधारने का मौका मिला। आकाश इसे सीखने का एक बेहतरीन अनुभव मानते हैं।
पहला ऐतिहासिक किरदार, बड़ी उम्मीदें
अपने करियर का पहला ऐतिहासिक किरदार निभाते हुए आकाश कहते हैं, “ये किरदार सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि इतिहास को जीने का मौका है । मैंने बहुत कुछ सीखा, खासतौर पर अपने डायलॉग्स, एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज को लेकर ।”
आकाश नागी की एक मेकैनिकल इंजीनियर से अभिनेता बनने की प्रेरणादायक कहानी हैं, जिनका अभिनय सफ़र थिएटर की गहराई से शुरू होकर अब टेलीविज़न की ऐतिहासिक कहानियों तक पहुँच चुका है । थिएटर की ठोस बुनियाद ने उन्हें न सिर्फ अभिनय की बारीकियाँ सिखाईं, बल्कि किरदारों को महसूस करके निभाना भी सिखाया । टीवी शो के अलावा आकाश ने कई नामचीन ब्रांड्स के लिए भी काम किया है । आकाश को कविता पढ़ना और लिखना बेहद पसंद है। यह रचनात्मकता उनके अभिनय में भावनात्मक गहराई लाने में सहायक रहती है। वे मानते हैं कि एक अभिनेता का दिल जितना संवेदनशील होगा, उसकी परफॉर्मेंस उतनी ही असरदार होगी।
















