हिंदी सिनेमा के दिग्गज फ़िल्ममेकर सुभाष घई जल्द ही ओटीटी फ़िल्म 36 फ़ार्महाउस के साथ काफ़ी अरसे बाद निर्देशन में कमबैक कर रहे हैं । इससे पहले सुभाष घई ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन फ़िल्में दी हैं जिसमें संजय दत्त के साथ खलनायक सबसे पहले नंबर पर आती है । खलनायक सुभाष घई के फ़िल्मी करियर की सबसे बेहतरीन फ़िल्मों में से एक है वहीं संजय दत्त के साथ भी उनकी खास बॉन्डिंग को दर्शाती है । खलनायक की शूटिंग के दौरान संजय दत्त अरेस्ट हुए थे जिसका असर फ़िल्म पर कैसे पड़ा इस बारें में डायरेक्टर सुभाष घई ने बॉलीवुड हंगामा के साथ हुई एक्सक्लूसिव बातचीत में खुलकर बात की । साथ ही सुभाष घई ने ये भी बताया कि संजय दत्त क्रिमिनल नहीं थे बल्कि उन्हें तो फ़ंसाया गया था ।

EXCLUSIVE: डायरेक्टर सुभाष घई खलनायक की शूटिंग के दौरान अरेस्ट हुए संजय दत्त को नहीं मानते थे क्रिमिनल, कहा- ‘वह भोलेपन में गलत जगह फ़ंस गया था’

संजय दत्त को क्रिमिनल नहीं मानते सुभाष घई

बॉलीवुड हंगामा के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए फ़िल्ममेकर सुभाष घई ने कहा कि, “मैं संजय दत्त को तब से जानता था तब वो बच्चा था । उसकी दूसरी फ़िल्म विधाता भी मैंने ही डायरेक्ट की थी । और फ़िर 10 साल बाद मैंने संजय दत्त को खलनायक के लिए साइन किया था । इतना काम करने के बाद मैं संजय को करीब से जानने लग गया था । और जब वो अरेस्ट हुआ तब मुझे ये बात अच्छे से पता था कि ये बेकसूर लड़का है । ये अपने भोलेपन में किसी जगह शिकार हो गया है और अब ये फ़ंस जाएगा ।

क्योंकि बेसिकली वह क्रिमिनल नहीं था । एक बच्चे की उड़ान गलत होती है तो वो फ़ंस भी जाता है । तो मैं संजय को भी इसी नजरिए से देखता था इसलिए मैं ज्यादा परेशान नहीं हुआ था । खलनायक का आखिरी सीन है जिसमें वह जेल में दिखाया गया है वो सीन संजय ने जेल से छुट्टी लेकर आकर शूट किया था । त्रिमूर्ति का भी एक हिस्सा वो शूट करके गया था । और फ़िर उसे लंबी सजा हो गई । लेकिन मैंने कभी इस चीज को कैश नहीं किया ।”

खलनायक का प्रमोशन अपने आप ही हो गया था

सुभाष घई ने आगे बताया कि उन्होंने खलनायक के प्रमोशन में एक रुपया भी खर्च नहीं किया था क्योंकि उन्हें मालूम था कि उन्होंने क्या फ़िल्म बनाई है । उनकी फ़िल्म का गाना चोली के पीछे क्या है पर काफ़ी विवाद हुआ इस बारें में सुभाष घई ने कहा, “इस गाने पर 32 राजनीतिक दल मेरे खिलाफ़ हो गए थे । कोर्ट केस हो गए लेकिन मैं खामोश रहा । क्योंकि मुझे मालूम था कि मैंने क्या फ़िल्म बनाई है, मुझे मालूम था कि संजय दत्त क्या है, मुझे मालूम था कि चोली के पीछे गाना क्या है । खलनायक का प्रमोशन बजट मेरा अब तक का सबसे कम बजट है क्योंकि खलनायक अपने आप में एक प्रमोशन थी ।”