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जैसा की हम सभी जानते हैं कि इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स असोसिएशन (आईएमपीपीए) ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर रोक लगा दी है और कई सारी राजनितिक पार्टी भी उन फ़िल्ममेकर को लगातार धमका रहीं हैं जो पाक कलाकारों के साथ काम कर रहे हैं । गुस्साए राजनितिक दलों का कहना है कि वे उन फ़िल्मों को भारत में रिलीज नहीं होने देंगे जिसमें पाक कलाकार हैं ।

भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा ये तनाव अभी खत्म भी नहीं हुआ कि इसमें सलमान खान भी कूद पड़े । सलमान खान हाल ही में उन पाकिस्तानी कलाकारों के समर्थन में उतरे जो भारत में काम कर रहे हैं, पाक कलाकारों के बारें में सलमान ने कहा कि उन्हें आतंकवादी की तरह ट्रीट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि कला और आतंकवाद दोनो बहुत अलग चीजें हैं । बस फ़िर क्या था, सलमान खान की इस टिप्पणी ने आग में घी का काम किया यानी भारत-पाक के बीच जल रही आग को और हवा दे दी जिससे

लोगों का गुस्सा सलमान खान के खिलाफ़ भी फ़ूटने लगा ।

यह कहा जा रहा है कि बजरंग दल की छात्र शाखा के कुछ कार्यकर्ताओं ने इंदौर के राजबाड़ा इलाके में सलमान खान का पुतला फ़ूंका । संयोग से, इंदौर सलमान खान की जन्मभूमि है । बजरंग दल के संभागीय संयोजक सचिन बघेल का कहना है कि, सलमान खान अपने प्रशंसकों की वजह से इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं । वे सलमान खान से चाहते हैं कि वे पाक कलाकारों के समर्थन में अपने दिए बयान को वापस लें । उन्होंने कहा कि यदि सलमान खान अपने शब्द वापस नहीं लेते हैं, तो उन्हें अपनी फ़िल्म को सिर्फ़ पाकिस्तान में रिलीज करना चाहिए भारत में नहीं ।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, जो महू विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने भी कहा कि वे पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में बर्दाश्त नहीं कर सकते । वे केवल हमारे देश में आते हैं और पैसा कमाकर चले जाते हैं । जबकि, पाकिस्तान के हुक्मरान लगातार भारत के खिलाफ जहर उगलते हैं । पाकिस्तानी कलाकारों को यहां काम करना है तो आंतकवाद के खिलाफ बोलना भी पड़ेगा और उनका समर्थन करने वाले सलमान खान को भी सोचना चाहिए । प्रत्येक कलाकार की इज्जत होनी चाहिए लेकिन, पाकिस्तान के कलाकार कभी आंतकवाद पर बात नहीं करते हैं । यदि पाक कलाकार आतंकवाद के खिलाफ़ नहीं बोलते हैं तो भारत में उनके लिए कोई जगह नहीं है ।