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सिद्धार्थ मल्होत्रा और कैटरीना कैफ़ की रोमांटिक ड्रामा फ़िल्म बार बार देखो को फिल्म प्रमाणन सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) ने  'यूए' प्रमाण पत्र प्रदान किया है । सेंसर बोर्ड द्दारा फ़िल्म में से एक ब्रा के शॉट को हटाने के बाद ये फ़िल्म पास की गई । सेंसर बोर्ड ने फिल्म के सीन पर आपत्ति जता दी, जिसमें कुछ महिलाओं ने बार में ब्रा पहनी हुई थी । मेकर्स कोई विवाद नहीं चाहते थे, इसलिए इस सीन को फिल्म से हटा दिया गया ।

सेंसर बोर्ड की इस कटौती से नाराज़ फ़िल्म बार बार देखो का एक सदस्य इसका विरोध करता है और कहता है, क्या हम विक्टोरियन युग में रह रहे हैं, जब महिलाओं के इनरवियर पर सार्वजनिक रूप से बात नहीं की जाती थी ? काजोल और शाहरुख खान की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे' में लगभग 10 साल पहले एक सीन देखने को मिला, जिसमें ब्रा को दिखाया गया था। लेकिन अब हमारी फिल्म के ब्रा सीन पर आपत्ति जताई गई है ।

बार बार देखो एक महिला निर्देशक द्दारा निर्देशित की गई है । इसलिए फ़िल्म में अंतर्वस्त्र का इस्तेमाल करना महज गुदगुदाना के लिए किया गया । जहिरतौर पर सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म को प्रमाणित करने से इंकार दिया था जब तक की फ़िल्म में से अप्रिय शॉट्स हटा नहीं दिए गए ।

बताया जा रहा है कि सेंसर बोर्ड ने 'बार बार देखो' के एक और सीन पर भी आपत्ति जताई गई, जिसमें कॉमिक पॉर्न स्टार सविता भाभी का जिक्र किया गया है । सूत्र ने कहा, 'सविता भाभी का नाम फिल्म के एक सीन में बड़े मजाकिया अंदाज में किया गया था । लेकिन इसे भी हटाने के लिए सेंसर बार्ड ने कह दिया । हमें यह समझ में नहीं आ रहा कि जब पॉर्न का जिक्र आपत्तिजनक है, तो फिर 'फ्लाइंग जट्ट' में सनी लियोन के जिक्र पर आपत्ति क्यों नहीं हुई ।

बहरहाल इस अंतर्विरोध के अलावा, बार बार देखो को सेंसर बोर्ड ने 'यूए' प्रमाण पत्र के साथ प्रमाणित किया है और फ़िल्म में से एक ब्रा का सीन और सविता भाभी  का संदर्भ हटा दिया गया है ।  फिल्म 'बार बार देखो' 9 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है । यह एक रोमांटिक ड्रामा है, जिसमें सिद्धार्थ और कैटरीना कैफ़ के कई बोल्ड सीन हैं ।