
अमिताभ बच्चन और रजनीकांत, भारतीय सिनेमा के दो ताकतवर सुपरस्टार सम्मान के साथ सलमान खान की वजह से बॉक्सऑफ़िस पर सबसे अप्रत्याशित तरीके से टकराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं । रजनीकांत की बहुप्रतिक्षित नई फ़िल्म कबाली 22 जुलाई को रिलीज हो रही है, इसके साथ-साथ स्टीवन स्पीलबर्ग की बचपन की कल्पना द बीएफ़जी जिसमें खुद अमिताभ बच्चन ने, फ़िल्म के मुख्य किरदार बने अच्छे दानव, जिसका किरदार मार्क रीलांस द्वारा निभाया गया है, को अपनी आवाज दी है ।
हालांकि ऐसा नहीं कहा जा सकता कि ये दो दिग्गजों के बीच सीधा आमना-सामना है, फ़िर भी कोशिश यही की जा रही है कि रजनीकांत और बच्चन के बीच ये टकराव बचाया जा सके ।जाहिरतौर पर, रिलायंस और फ़ॉक्स-स्टार, क्रमश:, जो द बीएफ़जी और कबाली के वितरक हैं, सम्मान के साथ एक सौहार्दपूर्ण समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि दोनों फ़िल्में उपस्थित टकराव से ग्रस्त नहीं हों ।
करीबी सूत्रों के मुताबिक, दोनों ही, कबाली और द बीएफ़जी गैर बॉलीवुड फ़िल्में हैं और पूरे भारत में कई भाषाओं में रिलीज की जा रही हैं । दोनों ही फ़िल्मे पारिवारिक हैं । एक फ़िल्म की खासियत है कि उसमें दक्षिण का देवता है और दूसरी की खासियत है कि उसमें भारत की सबसे प्रसिद्द शख्सियत की गूंजती आवाज़ है ।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब इन दो दिग्गजों की फ़िल्में एक साथ टकराई हों, अतीत में भी रजनीकांत और अमिताभ बच्चन अभिनीत फ़िल्में आपस में टकराई हैं । भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज दो बार एक-दूसरे से टकरा चुके हैं एक बार तब, जब अमिताभ की झूम बराबर झूम और रजनीकांत की शिवाजी द बॉस उसी दिन 2007 में उसी शुक्रवार को रिलीज हुईं थी । और कुछ साल बाद एक बार फ़िर दोनों आमने -सामने आए, जब अप्रैल 2014 में उसी शुक्रवार को मिस्टर अमिताभ बच्चन की भूतनाथ रिटर्न और रजनीकांत की कोच्चादियन टकराई ।
क्या दो दिग्गजों के बीच माना जाने वाला टकराव होगा या नहीं, ये देखने वाली बात होगी ।
















