पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ को एक महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है, लेकिन गांवों में लोगों की तकलीफें अब भी जारी हैं। अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद, जो संकट के समय में लगातार आशा की किरण बनकर उभरे हैं, उन्होंने हाल ही में गाँव का दौरा किया और हालात का जायज़ा लिया। वहां उन्होंने जो देखा, उससे मदद जारी रखने का उनका संकल्प और मज़बूत हुआ।

पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़े सोनू सूद ; “गांवों में असली मुश्किलें अब आने वाली हैं, इसलिए लगातार मदद करते रहिए”

सोनू सूद की अपील: ‘आइए ज़रूरतमंदों के लिए एकजुट हों’

पंजाब में बाढ़ प्रभावित गांवों के पीड़ितों के साथ खड़े होकर, सोनू सूद ने कहा: “आप देख रहे हो कि अभी भी जो बाढ़ के कारण तकलीफें हैं, वो बहुत ज़्यादा हैं और क़रीब 40-45 दिन हो चुके हैं बाढ़ को। और मैं हमेशा कहता आया हूँ । असली ज़रूरत अब पड़ेगी, क्योंकि पानी का स्तर अभी भी कई जगहों पर बहुत ज़्यादा है। और जो लोग मदद कर रहे हैं बचा रहे हैं उन्हें इसे जारी रखना चाहिए। गांवों में असली मुश्किलें अब आने वाली हैं, और हर परिवार को जो भी ज़रूरतें हैं, उन्हें हमें पूरा करना है।” पंजाब के बाढ़ प्रभावित गाँवों की ज़मीनी हकीकत को बयां करते हुए उन्होंने लिखा, “दिन: 45 आइए, ज़रूरतमंदों के लिए एकजुट हों।”

View this post on Instagram

A post shared by Sonu Sood (@sonu_sood)

पंजाब और पूरे देश के लोगों के लिए यह शब्द एक चेतावनी भी हैं और एक आह्वान भी। राहत केवल एक बार की प्रक्रिया नहीं होती । यह एक निरंतर दायित्व है। सोनू सूद की पंजाब में उपस्थिति केवल मदद पहुंचाने के लिए नहीं है, बल्कि उन आवाज़ों को बुलंद करने के लिए भी है जो मूलभूत सुविधाओं से कटे हुए हैं यह याद दिलाने के लिए कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।

पिछले कुछ वर्षों में सोनू सूद संकट के समय में उम्मीद का पर्याय बन गए हैं । चाहे वो महामारी के दौरान प्रवासी मज़दूरों की मदद हो या अब बाढ़ पीड़ितों की सहायता। उन्होंने बार-बार दिखाया है कि ज़िम्मेदारी और ईमानदारी के साथ प्रभावशाली होना क्या मायने रखता है। पंजाब की इस कठिन घड़ी में उनका काम यह साबित करता है कि राहत केवल दान नहीं बल्कि निरंतर करुणा और समर्थन से भरा एक लंबा सफ़र है।