कोरोना संकटकाल में निस्वार्थ भाव से अनगिनत जरूरतमंद लोगों के मदद कर रहे सोनू सूद, कोरोना की दूसरी खतरनाक लहर में भी लोगों के लिए मसीहा बनकर उभर रहे हैं । वह लोगों की मदद करने के लिए 24x7 काम कर रहे हैं । और अब सोनू की मसीहाई छवि केवल देश तक ही सीमित नहीं रह गई है बल्कि देश के बाहर भी पहुंच गई है । कोरोना महामारी के इस दौर में लोगों की एकमात्र उम्मीद बने सोनू सूद के पास अब एनआरआई द्दारा भी मदद की गुहार आ रही है ।

कोरोनाकाल में देश में ही नहीं बल्कि विदेश में बसे लोग भी मांग रहे हैं सोनू सूद से मदद, आधी रात को आते हैं NRIs के कॉल्स

एनआरआई भी लगा रहे हैं सोनू सूद से मदद की गुहार

इस बारें में बात करते हुए खुद सोनू ने बताया कि, “आपने सही सुना सर, मेरे पास एनआरआई के कई कॉल्स आए । वो एनआरआई लड़के और लड़कियां जो ज्यादा दूरी होने के चलते अपने माता-पिता के पास नहीं पहुंच पा रहे उन्होंने मुझसे मदद मांगी । इसके अलावा कुछ एनआरआई के करीबी ऐसे गांवों में रहते हैं जहां किसी भी चीज की सुविधा नहीं है, उनके भी मेरे पास मदद के लिए कॉल्स आ रहे हैं । शुरूआत में मेरे पास ऐसे कॉल्स कम आते थे लेकिन अब इनकी संख्या बहुत बढ़ गई है ।”

अब हालत ये है कि सोनू को अपने माता-पिता के लिए सहायता मांगने वाले एनआरआई से प्रति हफ़्ते 100-150 कॉल्स आते है । एनआरआई कॉल्स की वजह से सोनू रात में ठीक तरह से सो भी नहीं पाते । “मुझे मनीला, सिंगापुर, यूएस, कनाडा से काफ़ि परेशान कर देने वाले कॉल्स आए क्योंकि उनके टाइम जोन हमारे टाइम से काफ़ी अलग है । उनके कॉल्स मुझे आधी रात को 2 से 4 बजे के बीच आते है । वैसे मुझसे इससे कोई परेशानी नहीं होती । मुझे पता है कि मुझे कुछ नींद लेने की जरूरत है । भले ही मैं ठीक तरह से सो भी नहीं पा रहा लेकिन अभी करने के लिए बहुत कुछ है । यदि एक की भी जान बच गई तो यह मेरी नींद से कहीं बढ़कर है ।”