भारतीय सिनेमा के ‘मैराथन मैन’ के रूप में पहचाने जाने वाले अनुपम खेर, जिन्होंने लगभग 600 फिल्मों में काम किया है, 2024 में अपने फ़िल्मी करियर के 40 साल पूरे कर रहे हैं । अनुपम खेर के इस समृद्ध करियर और शानदार योगदान का जश्न YRF और Netflix मना रहे हैं ।

विजय 69 के साथ इंडस्ट्री में 40 साल कंप्लीट कर रहे हैं अनुपम खेर ; “मैंने कभी भी खुद को चुनौती देना बंद नहीं किया ; मैं हिंदी मीडियम का लड़का था लेकिन फिर भी हॉलीवुड फ़िल्में की”

अनुपम खेर के इंडस्ट्री में 40 साल

अनुपम खेर के इंडस्ट्री में 40 साल होने का जश्न उनकी आगामी फ़िल्म विजय 69 के प्रमोशन के दौरान किया जा रहा है, जो 8 नवंबर को सीधे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Netflix पर रिलीज़ होगी । असल ज़िंदगी की तरह ही, इस फ़िल्म में भी अनुपम खेर विजय मैथ्यू का किरदार निभा रहे हैं, जो जीवन के प्रति अपनी अटूट ऊर्जा और जुनून को लेकर एक ट्रायथलॉन एथलीट बनने का फ़ैसला करते हैं । यह फिल्म, जो एक सकारात्मक और प्रेरणादायक अनुभव है, नेटफ्लिक्स पर विश्वभर में रिलीज़ की जा रही है।

आज सोमवार को निर्माताओं ने विजय 69 फिल्म का पहला पोस्टर जारी कर दिया है । इसके साथ यह भी बताया की, फिल्म का ट्रेलर कल मंगलवार को रिलीज होगा । शेयर किए गए पोस्ट के साथ लिखा है, “इन्हें सपने ने जिंदा रखा, फिर सपनों ने इन्हें जिंदा रखा है ।”

इसके अलावा अनुपम खेर ने एक और पोस्ट शेयर किया है, इसमें वे अपने 40 साल की फिल्मी यात्रा को याद करते नजर आए हैं । एक्टर ने लिखा है, “दोस्तों! मुझे याद ही नहीं रहा कि मैंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में 40 साल पूरे कर लिए हैं । मेरी आगामी रिलीज विजय 69 की मार्केटिंग मीटिंग के दौरान मुझसे कम से कम 30-40 साल छोटे लोगों ने मुझे इस बारे में बताया। इसने मुझे भावुक कर दिया। मेरा काम दर्शकों का दिल छू गया, यह भी मालूम हुआ ।”

एक्टर ने आगे लिखा है, 'मुझे खुद के एक कलाकार होने पर गर्व है और इस अनुभव के बाद एक बार फिर ऐसा ही गर्व महसूस हुआ। मुझे लगता है कि 40 साल यूं ही बीत गए, क्योंकि मैं कुछ ऐसा करता रहा हूं, जो मुझे बेहद पसंद है। मैं दिल से करता हूं। एक अभिनेता होना सिर्फ मेरा पेशा नहीं है।।। यह मेरी पहचान है।।। बस इसे सपने देखने वाले सभी साथियों के साथ साझा करना चाहता हूं।।। जय हो!”

करियर की शुरुआत के दौरान गुजारे कठिन समय को याद करते हुए लिखा अनुपम खेर ने लिखा, “1984 मेरे लिए एक बनाओ या बिगाड़ो साल था। हर दिन मायूस करने वाला था और उस समय ने मेरे धैर्य की परीक्षा ली। मैं अपनी शर्तों पर काम पाकर पहचान बनाने को बेताब था। इंडस्ट्री में कोई संबंध नहीं था। मेरे पास बस मेरी इच्छा शक्ति थी और अपने सपनों को न छोड़ने की जिद वाला आत्मविश्वास था ।”

अनुपम खेर मुताबिक वह आम हीरो जैसे लुक वाले नहीं थे लेकिन चाहते थे कि लोग स्क्रीन पर उनके जुनूनी किरदार को देखें। सिनेमा की दुनिया में कदम रखने से पहले अनुपम ने एक्टिंग का चार साल का कोर्स किया था और ड्रामा स्कूल से गोल्ड मेडलिस्ट थे।

उन्होंने आगे बताया कि, “मैं एक ऐसा मौका पाने के लिए बेताब था, जिससे मैं दुनिया को बता सकूं कि मैं कौन हूं और स्क्रीन पर क्या कर सकता हूं। लोगों को लगता था कि मैं घमंडी हूं, लेकिन मैं जानता था कि मेरे अंदर जो गुस्सा था, वह चुपचाप सभी को यह बताने का इंतजार कर रहा था कि वे गलत थे, वे गलत थे और मैं इसके लिए महेश भट्ट का शुक्रिया अदा करता हूं। महेश भट्ट ने मुझे सारांश फिल्म दी और मुझ पर तब विश्वास किया, जब किसी और ने नहीं किया। उन्होंने मुझे 65 साल के बुजुर्ग का किरदार सौंपा जो अपने युवा बेटे की मौत से गमजदा था।”

अनुपम खेर ने आगे बताया कि, “मेरे 40 साल के सिनेमाई सफर में मैंने कभी भी प्रयोग करना और खुद को चुनौती देना बंद नहीं किया। मेरा बचपन, मेरी जड़ें, इस फिल्म जगत में मेरे प्रारंभिक वर्षों ने इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाई। मैं इस बात को नकार नहीं सकता कि मैं एक छोटे शहर का लड़का रहा हूं। एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से चुनौतीपूर्ण अनुभवों से गुजरा हूं, जिन्हें मैं बहुत संजोकर रखता हूं।”

अनुपम खेर ने आखिर में कहा, “मैं हिंदी मीडियम का लड़का था। मैंने रॉबर्ट डी नीरो, जेनिफर लॉरेंस, ब्रैडली कूपर, कीरा नाइटली जैसे सफल हॉलीवुड कलाकारों के साथ फिल्में कीं। मैं सभी से सपने देखने का अनुरोध करता हूं। सपने देखने वाले वह हासिल करते हैं, जो दूसरे नहीं कर पाते। वे कुछ ऐसा देखते हैं जिसकी दूसरे कभी कल्पना भी नहीं कर सकते। वे एक ऐसा जीवन जीते हैं जो काल्पनिक होती है, इसलिए जैसा कि विजय मैथ्यू कहते हैं, सपनों की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।”

बता दें कि, अनुपम खेर की विजय 69 इस साल 8 नवंबर, 2024 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।