संजय लीला भंसाली की फ़र्स्ट वेब सीरिज़ हीरामंडी मेंनवाब जुल्फिकर अहमदके किरदार में नजर आने वाले अभिनेता शेखर सुमन इन दिनों लगातार सुर्ख़ियों में छाए हुए हैं । हीरामंडी, शेखर सुमन के लिए इसलिए भी ख़ास है क्योंकि इसमें उनके बेटे अध्ययन सुमन ने भी शानदार कमबैक करते हुए एक अहम रोल निभाया है । हाल ही में बॉलिवुड हंगामा के साथ हुए एक्सलूसिव इंटरव्यू में शेखर सुमन ने अध्ययन सुमन के कमबैक पर एक अमिताभ बच्चन से जुड़ा वाक़या शेयर किया कि कैसे अमिताभ बच्चन बुरे दौर से गुजरे थे और लोगों ने उन्हें कॉन्स्टिपेटेडतक कहा दिया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और ख़ुद पर भरोसा रख कर और अपने सही समय का इन्तज़ार करके रॉकिंग कमबैक किया ।

EXCLUSIVE: अध्ययन सुमन के कमबैक पर शेखर सुमन ने शेयर की अमिताभ बच्चन की इंस्पायरिंग जर्नी ; “14-15 फ़िल्में फ्लॉप होने के बाद कुछ फ़िल्ममेकर्स ने अमिताभ बच्चन को ‘कॉन्स्टिपेटेड एक्टर’ तक कहा, माता-पिता के सामने किया शर्मिंदा ; लेकिन उन्होंने ख़ुद पर भरोसा कर फिर किया रॉकिंग कमबैक”

शेखर सुमन ने अमिताभ बच्चन का क़िस्सा शेयर किया

शेखर सुमन ने अपने बेटे अध्ययन सुमन के कमबैक को बताते हुए एक पुराना वाक़या शेयर किया कि कैसे अमिताभ बच्चन ने लोगों के तमाम तरह के ताने सुनने के बाद अपना रॉकिंग कमबैक किया । शेखर ने कहा, “मैं बच्चन साहब का एक इंटरव्यू सुन रहा था, जिसमें उन्होंने कहा कि, पहले कुछ सालों में उनकी 13-14-15 फ़िल्में फ्लॉप हो गईं जिसके बाद निर्देशक, (उनका नाम लिए बिना), उन्हें कॉन्स्टिपेटेड कहने लग गए थे । मुझे यह बात सच में पता है क्योंकि शशि कपूर ने मुझे इस बारें में बताया था । अमिताभ बच्चन ने यह भी बताया था कि, बाद में ऐसे निर्माता भी थे जो उनके बिना काम नहीं कर सकते थे, लेकिन वे ही थे जो पहले कह रहे थे, ‘हे भगवान, यह कॉन्स्टिपेटेडफिर से काम की तलाश में आ गया है । इसे सेट से बाहर निकालो, किसने इसे अंदर आने दिया ?”

शेखर ने आगे बताया, “जब अमिताभ ने न्यूज़ रीडर बनने के लिए ऑडिशन दिया, तो ऑल इंडिया रेडियो ने उन्हें खराब आवाज़ के कारण रिजेक्ट कर दिया था । यह कैसी विडंबना है ? कुछ ने कहा कि उनकी आवाज़ अच्छी नहीं है, तो कुछ लोगों ने कहा कि वह बहुत लंबे हैं ।

इतना ही नहीं शेखर ने अमिताभ के उस बुरे दौर के बारें में आगे बताया, जो अमिताभ बच्चन ने अपने इंटरव्यू में शेयर किया था कि, “एक बार जब (अमिताभ बच्चन) अपनी कार में बैठे थे तो उस वक्त एक आदमी आया और कार के शीशे को खटखटाते हुए पहले तो उन्हें गाली दी फिर कहा – ‘तुम्हें यहाँ आने के लिए किसने कहा ? क्या तुमने अपना चेहरा देखा है ? तुम जहाँ से आए हो, वहीं वापस चले जाओ ।इस दौरान अमिताभ के साथ उनके माता-पिता भी कार में पीछे बैठे हुए थे ।

शेखर ने आगे कहा, की इतनी आलोचना सुनकर वो भी अपने माता-पिता के सामने, कोई भी टूट सकता है । लेकिन अमिताभ बच्चन को ख़ुद पर भरोसा था और उन्होंने अपने सही समय का इंतज़ार किया । शेखर ने अपने बेटे के बुरे दौर के बारें में कहा कि, इसने तो इतना कुछ भी नहीं सहा, दिग्गज कलाकारों ने कैसे ख़ुद को फिर से खड़ा किया है, यह वाक़ई क़ाबिले तारीफ़ है ।