भारत के खेल क्षेत्र के विकास को गति देने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने वर्ष-2030 में आयोजित होने वाले 24वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन भारत में करने की सिफारिश की है। साथ ही, बोर्ड ने यह भी सिफारिश की है कि इन खेलों की मेजबानी गुजरात के अहमदाबाद को दी जाए। इस बात की पूरी संभावना है कि 1930 में शुरू हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी समारोह अहमदाबाद में आयोजित होगा। बोर्ड की इस सिफारिश को अब नवंबर-2025 में आयोजित होने वाली कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की महासभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

भारत में फिर से हो सकते हैं 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स ; अहमदाबाद की मेजबानी पर 26 नवंबर को आएगा फ़ाइनल फ़ैसला

अहमदाबाद में हो सकते हैं 24वें कॉमनवेल्थ गेम्स

भारत में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज और उनकी प्रतिभा को तराशने के लिए निरंतर प्रयासरत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लगातार मार्गदर्शन के कारण देश में 24वें कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के लिए यह सिफारिश की गई है।

माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के अथक प्रयासों के कारण भारत खेल क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके कारण कॉमनवेल्थ गेम्स के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत अहमदाबाद को 24वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने की संभावनाएं उज्ज्वल हो गई हैं।

इस क्षण का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने देश के सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि इसका श्रेय मोदी जी के निरंतर प्रयासों को जाता है। खेलों से संबद्ध मजबूत बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों को तैयार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के समकक्ष लाने के कारण ही भारत को यह सम्मान मिलने जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “यह गुजरात और भारत के लिए वास्तव में गर्व का क्षण है।” उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता की प्रशंसा की और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अहमदाबाद के चयन के एग्जीक्यूटिव बोर्ड ऑफ कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के निर्णय का स्वागत किया।

गौरतलब है कि 2030 का कॉमनवेल्थ गेम्स केवल एक खेल प्रतियोगिता ही नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय खेल उत्सव के 100 वर्षों के सफर का जश्न भी होगा। ये खेल कॉमनवेल्थ के 74 देशों के बीच एक शताब्दी से चली आ रही खेल भावना और सहयोग का प्रतीक होंगे, और गुजरात का अहमदाबाद शहर इस इतिहास का गवाह बनने को तैयार है।

कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा ने 100वें कॉमनवेल्थ गेम्स को ‘गेम्स फॉर द फ्यूचर’ बताते हुए कहा कि अहमदाबाद के कॉमनवेल्थ गेम्स- स्थिरता, समावेशिता और नवीनता पर आधारित होंगे, जो कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की अगली सदी की नींव को और भी मजबूत बनाएंगे तथा इसके सकारात्मक प्रभाव आने वाले कई वर्षों तक भारत के बाहर भी देखने को मिलेंगे।

इस संदर्भ में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि अहमदाबाद में 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का क्षण होंगे। यह खेल क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व और भारत सरकार के इस विश्वास को दर्शाता है कि खेल लोगों को एकजुट कर सकते हैं, समावेशिता को बढ़ावा दे सकते हैं और नई पीढ़ी को प्रेरणा दे सकते हैं। भारत की यह सफलता ‘विकसित भारत@2047’ के राष्ट्रीय विजन को मजबूत करेगी, जहां विश्वस्तरीय खेल, बुनियादी ढांचा और युवा विकास हमारे देश की विकास गाथा के साथ जुड़े हुए हैं।

गुजरात के खेल मंत्री श्री हर्ष संघवी ने इस अवसर को भारत और गुजरात के लिए गौरव का क्षण करार देते हुए कहा कि अहमदाबाद में आयोजित होने वाले 100वें कॉमनवेल्थ गेम्स केवल एक वैश्विक स्पोर्ट्स इवेंट की मेजबानी भर नहीं है, बल्कि ये पूरी दुनिया के समक्ष ‘आत्मविश्वासी, समर्थ, भविष्य-उन्मुख एवं नए भारत’ को प्रस्तुत करने का एक सुनहरा अवसर भी होगा। गुजरात सरकार कॉमनवेल्थ के 100 वर्षों की विरासत का सम्मान करते हुए कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की अगली सदी के लिए मार्ग प्रशस्त करने को पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के ‘गेम्स रीसेट’ के सिद्धांत- सामर्थ्य, समावेशिता, स्थिरता और विरासत को बढ़ावा देने वाले भारत सरकार, गुजरात सरकार और कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किए गए आयोजन के प्रस्ताव की बोर्ड में जोरदार प्रशंसा की गई।

वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भारत की वैश्विक खेलों का केंद्र बनने की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा को और अधिक मजबूत करेंगे। यह वैश्विक इवेंट शहरी नवीनीकरण, युवाओं की भागीदारी और खेल में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेंगे।