एक्टर अदिवी शेष हाल ही में हैदराबाद में हुए कैंसर रन में शामिल हुए और इस पहल को अपना पूरा समर्थन दिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनका मकसद था कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जल्दी पहचान की अहमियत बताना। हमेशा से सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाने वाले अदिवी शेष ने वहां मौजूद प्रतिभागियों से गर्मजोशी से मुलाकात की और उन्हें प्रोत्साहित किया। उनकी मौजूदगी ने पूरे कार्यक्रम में जोश और उत्साह भर दिया।

अदिवी शेष का सपोर्ट
दौड़ के दौरान अदिवी शेष ने कहा, “मेरे काम में, मैं ‘गुडाचारी’ जैसे किरदार निभाता हूं जो देश के लिए लड़ता है, या ‘मेजर’ जो अपनी जान कुर्बान करता है। लेकिन आज, यहां खड़े होकर जब मैंने इन लोगों को देखा, तो एक बात समझ आई - असली हीरो पर्दे पर नहीं होते, वो असली ज़िंदगी में हमारे बीच होते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “कैंसर मरीज वे असली हीरो हैं जो सूरज उगने से पहले उठ जाते हैं, अपने जूते पहनते हैं - सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि एक बड़े मकसद के लिए। वो ‘ग्रेस’ के लिए दौड़ रहे हैं, वो ‘ज़िंदगी’ के लिए दौड़ रहे हैं। और वो ये संदेश देने दौड़ रहे हैं कि - कैंसर एक शब्द है, कोई अंत नहीं।”
इस साल की दौड़ का थीम था ‘रन फॉर ग्रेस, स्क्रीन फॉर लाइफ’, जो कैंसर की जल्दी जांच की अहमियत पर ज़ोर देता है।
अदिवी शेष ने इसे अपनी फिल्मों से जोड़ते हुए कहा, “स्क्रीन शब्द में बहुत ताकत है, जिसे हम अक्सर नज़र अंदाज़ कर देते हैं। मेरी फिल्मों में कहानी का मोड़ अक्सर किसी छोटी सी क्लू या जल्दी पहचान पर टिका होता है। वैसे ही ज़िंदगी में भी - अगर कैंसर जल्दी पहचान लिया जाए, तो उसे हराना सबसे आसान होता है।”
ग्रेस कैंसर फाउंडेशन, जो हर साल यह दौड़ आयोजित करती है, का लक्ष्य है ग्रामीण और ज़रूरतमंद इलाकों में मुफ्त कैंसर जांच पहुंचाना, ताकि लोग समय पर इलाज पा सकें।
अदिवी शेष ने कहा, “ये सिर्फ एक चैरिटी रन नहीं है, बल्कि एक आंदोलन है - उन लोगों की सुरक्षा के लिए जो अभी तक जांच के इस पहले और सबसे ज़रूरी कदम तक नहीं पहुंच पाए हैं।”
यह कार्यक्रम एकता, उम्मीद और जागरूकता की ताकत का प्रतीक बन गया। अदिवी शेष जैसे कलाकारों की आवाज़ के साथ, कैंसर की जल्दी पहचान और मरीजों के समर्थन का संदेश अब और भी ज़ोरदार तरीके से फैल रहा है।
















