अदिवी शेष और मृणाल ठाकुर की एक्शन ड्रामा डकैत, जो पहले दिसंबर 2025 में रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन शूटिंग के दौरान अदिवी शेष के घायल होने की वजह से रिलीज़ टल गई, अब फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी । लेकिन अब नई डेट पर आकर अदिवी शेष की डकैत को केजीएफ स्टार यश की टॉक्सिक से बॉक्स ऑफिस मुकाबला करना होगा । गुड़ी पड़वा, उगादी और ईद जैसे बड़े त्योहारों का दोनों फ़िल्मों को फ़ायदा मिल सकता है लेकिन फिर भी एक डर फिर भी बना रहता है । लेकिन अदिवी शेष इस बॉक्स ऑफिस क्लैश से एकदम बेफिक्र हैं ।

डकैत और टॉक्सिक के बॉक्स ऑफिस क्लैश से बेफिक्र अदिवी शेष
फिल्म की देरी को लेकर अदिवी शेष ने कहा, “मैं हमेशा से फिल्मों में समय लेता आया हूँ। पहले जब कोई मुझे जानता नहीं था, तो फर्क नहीं पड़ता था । मेजर के वक्त लोगों को लगा कि कोविड की वजह से देरी हुई। मैं वैसे भी 2 साल तक एक फिल्म पर काम करता हूँ। लेकिन इस बार मेरी चोट की वजह से थोड़ा रुकना पड़ा । करीब 2-3 महीने मैं भारी एक्शन सीन नहीं कर पाया। अभी भी रिकवर कर रहा हूँ, धीरे-धीरे ठीक हो रहा हूँ ।”
“क्लैश” पर चल रही चर्चाओं को लेकर अदिवी शेष बिल्कुल बेफिक्र हैं। अदिवी ने आगे कहा, “दिन के आखिर में, एक ही दिन दो फिल्में रिलीज़ हों तो दोनों चल सकती हैं । बचपन में लगान और गदर एक ही दिन आई थीं और दोनों क्लासिक बन गईं । ‘क्लैश’ ज़्यादातर मीडिया का शब्द है। दर्शकों के लिए बस अच्छा सिनेमा मायने रखता है । मेरी फिल्म मेजर भी सम्राट पृथ्वीराज के साथ आई थी और चली । अगर फिल्म अच्छी है तो दर्शक उसे ढूंढ ही लेते हैं। उगादी, गुड़ी पड़वा और ईद एक ही हफ्ते में आ रहे हैं ये तो जश्न का वक्त होगा ।”
वो आगे कहते हैं, “मुझे याद है 2018 में KGF चैप्टर 1 शाहरुख खान की जीरो के साथ रिलीज़ हुई थी, फिर भी उसने बॉक्स ऑफिस गेम बदल दिया था । तब KGF अंडरडॉग थी, अब मैं हूँ । मैंने हमेशा अंडरडॉग बनकर ही करियर बनाया है । लोगों को सरप्राइज देना अब मेरी आदत बन चुकी है ।”
शेष ने यह भी बताया कि टीम ने रिलीज़ डेट बदलने पर विचार किया था, लेकिन अंत में डकैत के लिए उगादी को सबसे शुभ तारीख माना गया। “हमने सोचा था (डेट बदलने का), लेकिन डकैत एक सच्ची हिंदी और सच्ची तेलुगु फिल्म है। हर सीन दोनों भाषाओं में शूट किया गया है। उगादी तेलुगु नववर्ष है, गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र में मनाई जाती है और ईद खुशी का त्योहार है। इतने सारे पॉज़िटिव फैक्टर एक साथ थे, इसलिए यही डेट सबसे सही लगी।”
चूंकि फिल्म को हिंदी और तेलुगु दोनों भाषाओं में एकसाथ शूट किया जा रहा है, शेष मानते हैं कि यह काफी चुनौतीपूर्ण रहा। “दोनों भाषाओं में सही कल्चर और भाव बनाए रखना मुश्किल था। मेरे लिए ज़रूरी था कि सीन अपनी भाषा में नैचुरल लगे, ट्रांसलेटेड नहीं। कई सीन और डायलॉग हमने दोनों वर्ज़न में अलग रखे खासकर ह्यूमर।”
















