4.5 Excellent

Movie review: सिंह साब दी ग्रेट
सरनजीत सिंह (सनी देओल) एक सिंपल शख्स है जो अपनी फेमिली को प्यार करता है और सच्चाई को इंर्पोटेंस देता है, उसे विश्वास है की अंत में सच ही जीतता है. करप्शन और इनजस्टिस जो सोसाइटी में इनअफिशियेंट सिस्टम की देन है उसे चाइल्डहुड से ही परेशान करता है. इसीलिए वो कलेक्टर बन जाता है ताकि लोगों को न्याय दिला सके और सिस्टम को सुधार सके. लेकिन हरेक को अपनी सच्चाई का इम्तहान देना पड़ता है. सिंह को भी अपनी लविंग वाइफ और और अपनी वैल्यु के बीच से किसी एक को चुनना पड़ता है और वो सच को चुन कर वाइफ को गंवा देता है. उसे ये बात अंदर तक हिला देती है और वो बदला लेना चाहता है, ये कोशिश उसे जेल तक पहुंचा देती है. वो अपनी उलझनों से टूट रहा होता है जब उसकी मुलाकात अपने पुराने फ्रेंड (रजित कपूर) से होती है जो उस जेल का जेलर बन कर आया है. वो सिंह साहब को बताता है कि वो बदले को नहीं बदलाव को इंर्पोटेंस दे और सिंह को ये बात समझ में आ जाती है.

इसके बाद सिंह तय करता है की वो रिवेंज की बात भूल कर चेंज की बात करेगा और इस काम में उसकी हैल्प करती है शिखा (अमृता राव) जो एक प्राइवेट न्यूज चैनल में क्राइम जर्लिस्ट है. फिर सिंह साब वैल्यूज के लिए फाइट करते हैं और लोगों को अवेयर करते हैं की प्राब्लम ये नहीं है की गलत लोग बुरे काम कर रहे हैं बल्कि इसलिए है क्योंकी अच्छे लोग अपनी आवाज नहीं उठाते और चुप रहते हैं. लोग उसकी बात समझ जाते हैं और अपनी सिटी के हालात सुधार कर सिंह साब एक दूसरी सिटी में नयी लड़ाई के लिए चल देते हैं.
फिल्म की कहानी जानी पहचानी है और सनी देओल का एक्शन भी जाना पहचाना है. अनिल शर्मा के डायरेक्शन में सनी पहले भी गदर जैसी सुपर हिट फिल्म में काम कर चुके हैं. अनिल और वो एक दूसरे की खूबियों और खामियों से वाकिफ हैं. यही वजह है की फिल्म में दोनों ने ही अपने बेस्ट फुट फारवर्ड किए हैं, जिसके चलते फिल्म अच्छी बन गयी है एक्शन सींस दमदार हैं और इमोशनल सींस में सनी का साफ्ट साइड निकालने में अनिल कामयाब हुए हैं. बाकी कलाकारों के लिए जितना भी स्कोप बचा है उसमें उन्होंने बेहतर काम किया है. कुल मिला कर फिल्म वन टाइम वॉच है. - See more at: https://inextlive.jagran.com/movie-review-singh-saab-the-great-3-star-201311210039#sthash.j4QYFxnl.dpuf