“राजनीति†न सिरà¥à¤« “महाà¤à¤¾à¤°à¤¤â€ है, बलà¥à¤•ि “ गॉडफादर†à¤à¥€ है... लेकिन महाà¤à¤¾à¤°à¤¤ और गॉडफादर, दोनों से परिचित होने के बावजूद “राजनीति†में यह अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि आधà¥à¤¨à¤¿à¤• कौरव और पाणà¥à¤¡à¤µ इसमें किस तरह के खेल खेलेंगे।
फिलà¥à¤® की कहानी लगातार पलटती रहती है, मोड़ लेती रहती है। इतना, कि आप अंदाज नहीं लगा सकते कि आगे कà¥à¤¯à¤¾ होने वाला है। यह फिलà¥à¤® न सिरà¥à¤« मनोरंजन करती है, बलà¥à¤•ि समठà¤à¥€ बà¥à¤¾à¤¤à¥€ है।
“राजनीति†à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ निरà¥à¤®à¤¾à¤£ है। वह निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ ही उन लोगों के लिठनहीं है जो फिलà¥à¤® देखने जाते समय दिमाग घर पर छोड़ कर जाते हैं।
पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¤¾, उचà¥à¤šà¤¸à¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ सिनेमा के लिठजाने जाते हैं और यह फिलà¥à¤® उस पैमाने पर खरी उतरती है। सिनेमा का मतलब ही होता है परà¥à¤¦à¥‡ पर दिलचसà¥à¤ª कहानियां उतारना, और सिरà¥à¤« इसी वजह से राजनीति, ऊंचे अंक पाने की हकदार है। साथ में बड़े सितारे और उनका खरा अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ सोने पर सà¥à¤¹à¤¾à¤—े जैसा है।
मैं इस फिलà¥à¤® की तगड़ी सिफारिश करूंगा; जाइà¤, “राजनीति†देखने, आप निराश नहीं होंगे।
फिलà¥à¤® में à¤à¤¾à¤¸à¥à¤•र सानà¥à¤¯à¤¾à¤² (नसीरà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ शाह) à¤à¤• तेजतरà¥à¤°à¤¾à¤° वामपंथी नेता है। वह अपने दम पर बड़े से बड़े नेता को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देने का दमखम रखता है इसलिठउससे लोग डरते हैं। लेकिन à¤à¤• निजी गलती के कारण वह सà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ जीवन जीने पर मजबूर हो जाता है।
फिलà¥à¤® लौटती है वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में- पृथà¥à¤µà¥€ (अरà¥à¤œà¥à¤¨ रामपाल) à¤à¤• ताकतवर राजनीतिक परिवार का उतà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤§à¤¿à¤•ारी है और सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š पद पाने के लिठबेकरार है। लेकिन उसका चचेरा à¤à¤¾à¤ˆ वीरेनà¥à¤¦à¥à¤° ( मनोज वाजपेई) उसका सबसे बड़ा राजनीतिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दी साबित होता है। वह à¤à¤• ऎसा शखà¥à¤¸ है जो मानता है कि उसका जनà¥à¤® ही शासन करने के लिठहà¥à¤† है और वह शिखर तक पहà¥à¤‚चने के लिठकà¥à¤› à¤à¥€ करने से नहीं हिचकेगा।
परिवार और राजनीतिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दी का सामना करता हà¥à¤† वीरेनà¥à¤¦à¥à¤° à¤à¤• नया खेल खेलता है। वह सूरज (अजय देवगन) को चà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है जो दिल में गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ और दिमाग में नेतृतà¥à¤µ लिठहà¥à¤ à¤à¤• यà¥à¤µà¤• है। सूरज को वीरेनदà¥à¤° की असली पहचान का पता नहीं है और यह राज उसे बहà¥à¤¤, बहà¥à¤¤ देर बाद पता चलता है।
पृथà¥à¤µà¥€ का à¤à¤¾à¤ˆ समर ( रणबीर कपूर) इन सबसे अलग-थलग है। उसकी कोई राजनीतिक महà¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾ नहीं है लेकिन वह पारिवारिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤‚दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¤¾ के à¤à¤‚वर में फंस जाता है। लेकिन, यही समर फिर उà¤à¤°à¤¤à¤¾ है राजनीतिक यà¥à¤¦à¥à¤§ का मंजा हà¥à¤† खिलाड़ी बन कर। इंदॠ(कैटरीन कैफ) à¤à¤• धनी उदà¥à¤¯à¥‹à¤—पति की बेटी है। वह à¤à¥€ इसी à¤à¤‚वर में फंस जाती है। और इन सबके बीच है बृज गोपाल (नाना पाटेकर), जो दिन पर दिन खूनी होते जाते राजनीतिकà¥à¤° यà¥à¤¦à¥à¤§ में समर और पृथà¥à¤µà¥€ का गà¥à¤°à¥ बनता है।
इतने दिगà¥à¤—ज सितारों को इकटà¥à¤ ा करना और ऎसी कहानी चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ जो इनकी अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ के साथ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ कर सके, आसान नहीं। लेकिन पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¤¾ इस चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ पर खरे उतरते हैं। जैसा कि मैंने पहले कहा, “राजनीति†में कोई à¤à¥€ पातà¥à¤° बेदाग नहीं है, वे या तो धà¥à¤‚धले हैं या घोर काले। सफेद कपड़े लेकिन कारनामे सफेद नहीं।
लà¤à¤à¤— तीन घंटों की यह फिलà¥à¤® दरà¥à¤¶à¥à¤• को शà¥à¤°à¥‚ से अंत तक बांधे रखती है। अंजà¥à¤® राजाबली और पà¥à¤°à¤•ाश à¤à¤¾ की पटकथा लोकतंतà¥à¤° का कà¥à¤°à¥‚प चेहरा बेहद वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• ढंग से सामने लाने में सफल हà¥à¤ˆ है। लगातार घà¥à¤®à¤¾à¤µ लेती कहानी, गिरगिट से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेजी से रंग बदलते पातà¥à¤° और उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खेली जाने वाली खून की होली इस फिलà¥à¤® के मà¥à¤–à¥à¤¯ पहलू हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में , फिलà¥à¤® में कà¥à¤› दृशà¥à¤¯ बेजोड़ हैं लेकिन उनके बारे में लिखना फिलà¥à¤® देखने का मजा कम कर देगा।
अगर पटकथा बà¥à¤¿à¤¯à¤¾ है तो संवाद बेजोड़ हैं। हर पंकà¥à¤¤à¤¿ जहरबà¥à¤à¥€ और दृशà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में नई जान डालने वाली है। फिलà¥à¤® में गीत- संगीत की जगह नहीं है और “मोरा पिया†जैसा लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ गीत à¤à¥€ टà¥à¤•ड़ों में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया गया है।
छायांकन उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ का है। यह देखते हà¥à¤ कि फिलà¥à¤® के हर दृशà¥à¤¯ में 3-4 अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ फà¥à¤°à¥‡à¤® में रहते हैं, “राजनीति†जैसी फिलà¥à¤® का छायांकन आसान नहीं था।
राजनीति को मलà¥à¤Ÿà¥€-सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° फिलà¥à¤® कहना गलत होगा। यह मलà¥à¤Ÿà¥€- à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤° फिलà¥à¤® है और हर अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ ने बेहतरीन अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ किया है। फिलà¥à¤® में इंडसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के दिगà¥à¤—ज नाम शामिल हैं लेकिन उनमें à¤à¥€ छाप छोड़ने में सफल रहे हैं रणबीर कपूर, अरà¥à¤œà¥à¤¨ रामपाल और मनोज बाजपेयी।
अजय देवगन फिलà¥à¤® के दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ में थोड़ा पीछे चले गठलेकिन दाद देनी होगी कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ऎसा होने को सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया और अपना किरदार पूरी लगन से निà¤à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ नाना पाटेकर बेहतरीन हैं। वे सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जहरबà¥à¤à¥‡ संवाद बोलते हैं, मà¥à¤¸à¥à¤•ान के साथ जो सिरà¥à¤« उनकी काबिलियत का अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾ ही कर सकता था। इस रोल में आप किसी और की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ ही नहीं कर सकते।
कैटरीन कैफ अवà¥à¤µà¤² नंबर की हैं। हर दृशà¥à¤¯ में उनकी लगन और ईमानदारी à¤à¤²à¤•ती है। इस फिलà¥à¤® में वे गà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤° का चोला उतार कर अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€ के रूप में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो गई हैं।
नसीरà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ शाह à¤à¤• छोटे से रोल में à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ हैं।
सहायक कलाकारों में à¤à¥€ à¤à¤• से बॠकर à¤à¤• नाम हैं और हर किरदार आपकी सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ में जम जाता है। खास कर दयाशंकर पांडे, चेतन पंडित, दरà¥à¤¶à¤¨ जरीवाला, शà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿ शेठ, किरण करमरकर और विनय आपà¥à¤Ÿà¥‡à¥¤
कà¥à¤² मिला कर “राजनीति†गहरा असर छोड़ती. वासà¥à¤¤à¤µ में सराहनीय पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸, यह बेहतरीन फिलà¥à¤® छोड़ने लायक नहीं।
