
निर्देशक अली अब्बास जफर अपनी बहुप्रतिक्षित सलमान खान अभिनीत फ़िल्म सुल्तान को इस ईद पर अपने प्रशंसकों के लिए लेकर आ रहे हैं और यकीनन प्रशंसकों का मजा इस फ़िल्म को देखकर पहले से भी ज्यादा बढ़ जाएगा । 2 घंटे और 50 मिनट लंबी सुल्तान सलमान के करियर की सबसे लंबी फिल्म में से एक है । और यही नहीं यह सलमान के करियर की सबसे मनोरंजक फिल्मों में से भी एक है । सलमान के कटु आलोचना पूर्ण ढंग से समीक्षात्मक लेखक पिता जिसे, फ़िल्म रिलीज होने से पहले फ़िल्म देखने का एकमात्र विशेषाधिकार प्रदान किया गया है ।
अब तक निर्माता आदित्य चोपड़ा ने पहले कभी किसी को यश राज फ़िल्म्स इतना प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी । सलीम खान ने साल 2012 में रिलीज हुई सलमान की फ़िल्म एक था टाइगर को देखने की इच्छा जताई थी । लेकिन उन्हें बड़ी विन्रमता से दो टूक जवाब दे दिया गया ।
फिल्म की अत्यधिक लम्बाई और सलीम खान की प्रतिक्रिया के बारे में बात करते हुए, निर्देशक अली अब्बास जफर जरा भी विचलित नहीं है, और कहते हैं, जब मैंने सलीम साहब को ये फ़िल्म दिखाई, तो उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया । उन्होंने कहा, कागज (पटकथा में) पर उतारने से ज्यादा तुम स्क्रीन पर ज्यादा से ज्यादा दिखाने में सक्षम हो । उस कद के एक लेखक से ऐसी टिप्पणी आना मेरे आत्मविश्वास के लिए एक विशाल बढ़ावा था ।
अली अब्बास जफ़र द्दारा अपनी फ़िल्म को बाकी कलाकारों और फ़िल्म की टीम के साथ 6 जुलाई को नहीं देखा जाएगा । उन्होंने देहरादून में अपने माता-पिता से वादा किया है कि वो उनके साथ बैठकर फ़िल्म देखेंगे ।
उनके मुताबिक, मेरा परिवार का फिल्म उद्योग के साथ कोई संबंध नहीं है । यहां तक कि सुल्तान जैसी महत्वपूर्ण फ़िल्म के लिए भी मेरे माता-पिता मुंबई नहीं आएंगे । उन्होंने मुझे कहा, इस फ़िल्म को हमारे साथ देखने के लिए तुम देहरादून आओ । सुल्तान रिलीज होने के बाद मैं अपने घर जाउंगा अपने माता-पिता के पास ।
















