अक्षय कुमार एक बार फ़िर देश के असली हीरो की कहानी को अपनी आगामी फ़िल्म, केसरी के जरिए फ़िल्मी पर्दे पर दर्शाने के लिए तैयार है । अक्षय कुमार की आगामी फ़ि्ल्म केसरी, सारागढ़ी की लड़ाई पर बेस्ड है जो भारत द्वारा लड़ी गई शीर्ष लड़ाइयों में दूसरे नंबर पर आती है । बता दें कि, अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी केसरी 1897 में सारागढ़ी की उस हैरतअंगेज लड़ाई पर आधारित है, जिसमें 21 सिख जवानों ने 10 हजार अफगानी सैनिकों से जंग के मैदान में मोर्चा लिया था । देशभक्ति का रंग बिखेरते हुए अक्षय इस फ़िल्म में एक सिख यौद्धा हवलदार ईशर सिंह के किरदार में नजर आएंगे ।

अक्षय कुमार चाहते हैं कि केसरी के बाद सारागढ़ी की लड़ाई को बच्चों के लिए इतिहास के चैप्टर में जोड़ा जाए

अक्षय कुमार ने केसरी में दिखाई देशभक्ति

अपनी इस फ़िल्म के साथ अक्षय चाहते हैं कि सारागढ़ी की ये हैरतअंगेज लड़ाई ,जो अभी तक इतिहास के पन्नों में दबी हुई थी, को बच्चे भी जाने । इसलिए अक्षय को उम्मीद है कि केसरी के बाद इस लड़ाई को इतिहास की किताबों में जोड़ा जाएगा । अपनी फ़िल्म केसरी को इतिहास विषय के एक चैप्टर के रूप में जोड़ने के बारें में बात करते हुए अक्षय ने कहा कि, “Google ने सारागढ़ी की लड़ाई को अब तक की पांच सबसे बहादुर लड़ाइयों में से एक नाम दिया है । ब्रिटेन में, लोग सारागढ़ी दिवस मनाते हैं, और यहां, हमारे बच्चों को युद्ध के बारे में कुछ पता ही नहीं है जहां 21 सिख जवानों ने 10 हजार अफगानी सैनिकों से जंग़ लड़ी, ये जानते हुए कि इसमें वो मारे जाएंगे, फ़िर भी वे बहादुरी से लड़े ।

21 सिख जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए 900 लोगों को मारने में कामयाब रहे । हम तकरीबन 300 काल्पनिक फिल्म देखकर बहुत खुश हो जाते हैं, लेकिन हमारी बहादुरी की असली कहानियों को नहीं दर्शाते जो देशभक्ति के रंग में डूबी हुई है । यह कहानी हर किसी के दिल के करीब होनी चाहिए । हैरानी की बात है, हमारी इतिहास की पुस्तकों में इसका जिक्र तक नहीं है ।”

फ़िल्मों के लिए अक्षय को नहीं लगती हॉलीवुड जाने की जरूरत

अभिनेता, जो सामाजिक संदेश से ओतप्रोत फ़िल्मों को करने के लिए जाने जाते हैं, ने आगे कहा कि, “हमें हॉलीवुड की जरूरत नहीं है, हमारा देश ही अविश्वसनीय कहानियों से भरा पड़ा है । मैं उन्हें खोजने का श्रेय नहीं लेता । पैडमैन का श्रेय ट्विंकल को जाता है । टॉयलेट: एक प्रेम कथा को नीरज पांडे ने खोजा था और एयरलिफ्ट का विचार निखिल आडवाणी का था । मैं इन कहानियों को दर्शाने के श्रेय जरूर लेता हूं ।”

आपको बता दें कि, सारागढ़ी की लड़ाई 12 सितंबर, 1897 को ब्रिटिश भारतीय सेना के सिख रेजिमेंट और अफगान कबीलों के बीच लड़ी गई थी । सारागढ़ी तत्कालीन उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (अब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में है) में एक छोटा सा गांव था ।

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इन दिनों अक्षय अपनी आगामी फ़िल्म केसरी को अपनी को-स्टार परिणीति चोपड़ा और प्रोड्यूसर करण जौहर के साथ प्रमोट करने में व्यस्त है । अनुराग सिंह द्दारा निर्देशित केसरी को हीरो यश जौहर, अरुण भाटिया, करण जौहर, अपूर्वा मेहता, सुनीर क्षेत्रपाल और जी स्टूडियोज द्दारा प्रस्तुत किया जाएगा । यह फ़िल्म 21 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी ।