हिंदी सिनेमा में 20 साल से भी ज्‍यादा का समय गुजार चुके अभिनेता राजपाल याद की कॉमेडी ने हमेशा ही दर्शकों को खूब हंसाया है । और अब राजपाल यादव जल्द ही प्रियदर्शन की कॉमेडी फ़िल्म हंगामा 2 में एक बार फ़िर दर्शकों को हंसाते हुए नजर आएंगे । हंगामा 2 के प्रमोशन के दौरान राजपाल यादव ने बॉलीवुड हंगामा के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की जिसमें उन्होंने खुलकर कहा कि भले ही उन्हें अंग्रेजी नहीं आती है लेकिन अंग्रेजी उनके अभिनय के आगे समस्या कभी नहीं बनी । जहां कुछ लोगों के लिए भाषा उनके करियर में एक बाधा बन जाती है वहीं राजपाल यादव ने इस भाषा के बैरियर को ही तोड़ दिया और बहुत ही सहजता से फ़िल्म इंडस्ट्री में अपना एक मुकाम बनाया ।

EXCLUSIVE: अंग्रेजी भाषा नहीं आते हुए भी राजपाल यादव ने बनाया अपना शानदार फ़िल्मी करियर, शेयर किया सीक्रेट

राजपाल यादव के अभिनय में रुकावट नहीं बनी अंग्रेजी

इसके जवाब में राजपाल ने कहा, “जो आदमी पेट से लेकर गले तक भरा हुआ होता है न, उसको अच्छा मसखरा कहा जाता है । लेकिन जो आदमी अच्छा मसखरा होता है उसके अंदर एक गंभीर आदमी छुपा होता है । कोई भी भाषा किसी को भी अच्छा एक्टर नहीं बना सकती । भाषा अपने आप में बगैर शब्द का एक कम्यूनिकेशन है । अगर आपने शब्द नहीं बोले और आंखों से आंखों में बात की तो ये एक स्ट्रॉन्ग कम्यूनिकेशन बनता है । और यही कम्यूनिकेशन मेरा रामू जी और प्रियदर्शन जी के साथ हुआ है ।

मैं प्रियदर्शन जी के साथ अंग्रेजी बोलने में सहज नहीं हूं और वह हिंदी बोलने में सहज नहीं है लेकिन वो हिंदी समझते हैं ? एक बार प्रियदर्शन जी ने मुझसे जिद की कि मैं इंग्लिश में बात करुं । लेकिन जैसे ही मैं इंग्लिश बोलता हूं तो मुझे शर्म आती है कि कहीं मैं गलत न बोल जाऊं । क्योंकि बचपन से हमने हिंदी मीडियम में पढ़ाई की है ।

हर दिन मेरे लिए सीखने का दिन होता है

एक अभिनेता के तौर पर हम एक चीज ध्यान रखते हैं कि हम हमेशा आंखों से काफ़ी कुछ बयां करते हैं । हर दिन मेरे लिए सीखने का दिन होता है । कल मैने क्या किया मुझे नहीं पता मैं हमेशा एक नए सिरे से शुरूआत करता हूं । मैं शूटिंग पर ये सोचकर जाता हूं कि मैंने जीवन में कुछ नहीं किया आज मुझे एक्टिंग करनी है । और उसी चक्कर में हमारे जितने कम्यूनिकेशन है आसानी से हो जाते है । मुझे अंग्रेजी नहीं आती लेकिन फ़िर भी लंदन में सबसे ज्यादा कंफ़र्टेबल मैं हूं ।

मुझे दुनिया में अकेले कहीं भी छोड़ दीजिए मैं हर जगह कम्यूनिकेट कर लेता हूं । लेकिन मुझे चिर-परिचित के बीच अंग्रेजी बोलने में झिझक इसलिए लगेगी कि अगर गलत बोली तो मुझे लगेगा कि ये मेरा मजाक उड़ाएगा । जहां मजाक उड़ाने की कोई चिंता न हो तो फ़िर वहां कोई भी भाषा आड़े नहीं आती है । इसलिए मुझे ऐसा लगता है कि मुझे हिंदी अच्छी आती है और अंग्रेजी का मैं प्रसाद की तरह स्वागत करता हूं । अंग्रेजी मेरे अभिनय के आगे समस्या कभी नहीं बनी ।”