Ms-Dhoni

बायोपिक का सबसे पेचीदा हिस्सा होता है उसका वास्तविक नेचर, लेकिन हालिया रिलीज बायोपिक फ़िल्म एम एस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी, निस्संदेह इस बात का सबसे बड़ा फ़ायदा इस फ़िल्म को हुआ क्योकि ये फ़िल्म भारत के सबसे सफ़ल क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर आधारित है । महेंद्र सिंह धोनी की कहानी एक छोटे से गांव से निकलकर एक अंतर्राष्ट्रीय स्टार बनने की प्रेरणादायक कहानी है । सरकारी नौकरी हाथ में आने के बाद भी धोनी खुश नहीं थे और अपनी वही दैनिक दिनचर्या से थक गए थे इसके अलावा जो बात धोनी को सबसे ज्यादा परेशान कर रही थी वो ये थी की वो अपने खेल के लिए समय नहीं निकाल पा रहे थे जिसके कारण वे हमेशा चिंतित रहते थे, इसलिए अपने सपने को पूरा करने के लिए धोनी ने रेलवे में लगी टीसी की नौकरी छोड़ दी और मेहनत कर एक अंतर्राष्ट्रीय स्टार बन गए ।

सपोर्टिव फ़ैमिली से लेकर शादीशुदा आदमी, महत्वाकांक्षा से भरे एक स्कूल ब्यॉय से लेकर सबसे पसंदीदा स्कीपर, एम एस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी ने खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के जीवन के कई राज़ों से पर्दा उठाया है । लेकिन धोनी की जिंदगी के अभी भी कुछ ऐसे राज हैं जो बिना खुले ही रह गए । हालांकि, हो सकता है समय की कमी के कारण या विवादों से बचने के लिए धोनी की जिंदगी के कुछ पन्नों को खंगाला ही नहीं गया । यहां उन लोगों की और पहलूओं की सूची है जो हम चाहते थे कि धोनी की बायोपिक का हिस्सा होते :

धोनी का भाई : जैसा की पहले बताया गया है, एक सपोर्टिव बहन के अलावा महेंद्र सिंह धोनी का एक भाई था जिसका नाम है नरेंद्र सिंह धोनी । जिसका फ़िल्म में जिक्र तक नहीं किया गया । हालांकि हमने सुना है कि कुछ अज्ञात परिस्थितियों के कारण, धोनी के परिवार ने उनसे नाता तोड़ लिया और वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अलग रहते हैं । और इसलिए फ़िल्म में नरेंद्र सिंह के बारें कोई जिक्र नहीं किया गया ।

धोनी की विकेट कीपिंग : महेंद्र सिंह धोनी केवल बहुत शानदार बल्लेबाज ही नहीं हैं । बल्कि उनकी विकेट कीपिंग भी कमाल की थी जिसने धोनी को एक ऑलराउंडर क्रिकेटर के रूप में उभारा ।

एक विकेट कीपर के रूप में धोनी को नहीं दिखाया गया ।

वह कप्तान कैसे बने : इस प्लॉटलाइन में ये एक दिलचस्प भाग होगा । क्रिकेट टीम के कप्तान बनने के लिए प्रतिभा और जबरदस्त लीडरशिप कौशल की जरूरत है । और यह निश्चित रूप से आसान नहीं होता । असल में एम एस धोनी का भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनना भारत के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हुआ क्योंकि धोनी की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीता और लगभग दो दशक बाद साल 2011 में भारत ने वर्ल्ड कप जीता । लेकिन फ़िल्म में इतना महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं दिखाया गया जिसने बहुत निराश किया ।

धोनी का टेस्ट कप्तानी का युग : केवल वनडे मैचों में धोनी ने कमाल नहीं दिखाया है बल्कि टेस्ट मैच भी धोनी की कप्तानी ने कमाल दिखाया है । यद्यपि फ़िल्म अपेक्षाकृत लंबी थी और धोनी की निजी जिंदगी पर ज्यादा फ़ोकस करने के चलते इस बात को उठाया ही नहीं गया । यदि फ़िल्म में इसका जिक्र भी होता तो फ़िल्म और भी कमाल हो सकती थी ।

दीपिका पादुकोण के साथ धोनी का अफ़ेयर : माना की धोनी की जिंदगी ज्यादा विवादास्पद नहीं रही लेकिन महेंद्र सिंह धोनी कथित तौर पर लंबे पैरों वाली मॉडल दीपिका पादुकोण, जो अब एक सफ़ल बॉलीवुड अभिनेत्री हैं, पर आकर्षित हो गए थे । यहां तक की यह एक अफ़वह थी, तो इस फ़िल्म को इन चीजों को स्पष्ट करने का प्लेटफ़ॉर्म बनाया जा सकता था ।

आईपीएल : क्रिकेट के खेल में सबसे बड़ा बदलाव लाया आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग और महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल की टीमों में से एक टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान बने । धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स ने दो बार साल 2010 और 2011 में आईपीएल की ट्रॉफ़ी अपने नाम की । इसके अलावा इस लीग का एक दूसरा पहलू भी था जिसने बहुत बड़ा विवाद खड़ कर दिया था । चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक कथित तौर पर 2013 में आईपीएल सट्टेबाजी मामले शामिल थे । लेकिन फ़िल्म में इस मामले को भी नहीं दिखाया गया ।

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