सुशांत सिंह राजपूत भले ही अब हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके बेहतरीन काम और अच्छे स्वभाव के चलते वह लोगों के दिलों में एक खूबसूरत याद बनकर हमेशा जिंदा रहेंगे । बिना किसी गॉडफ़दर के बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाले सुशांत सिंह राजपूत की अच्छाई पर तो अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है । बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिवगंत अभिनेता सुशांत के काम की तो प्रशंसा की ही साथ ही यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति सुशांत का चेहरा देखकर बता सकता था कि वह अच्छे मनुष्य थे ।

सुशांत सिंह राजपूत की अच्छाई और मासूमियत पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी लगाई मुहर, कहा- ‘वह एक अच्छे इंसान थे’

सुशांत सिंह राजपूत की अच्छाई को कोर्ट ने भी माना

न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ ने सुशांत की बहनों के खिलाफ रिया चक्रवर्ती की एफआईआर को रद्द करने का फैसला सुरक्षित रखा है । और इसी दौरान कोर्ट ने सुशांत की तारीफ़ में ये शब्द कहे । न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा, “मामला कुछ भी हो.... सुशांत का चेहरा देखकर कोई भी यह कह सकता था कि वह मासूम और सीधे और अच्छे मनुष्य थे । उन्हें खासकर एम एस धोनी फिल्म में सभी ने पसंद किया ।”

गौरतलब है कि सुशांत की बहन प्रियंका, मीतू और एक डॉक्टर के खिलाफ रिया चक्रवर्ती ने एफआईआर दर्ज करवाई थी । रिया का आरोप था कि सुशांत की बहनें बिना डॉक्टर की सलाह के उनको ऐंटी-डिप्रेसेंट दवाएं दे रही थीं । बहनों ने यह एफआईआर रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी । कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है ।

आपको बता दें कि 14 जून को सुशांत अपने मुंबई स्थित फ़्लैट में मृत पाए गए थे । पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स में सुशांत की मौत को आत्महत्या बताया गया लेकिन उनके फ़ैंस और फ़ैमिली इसे आत्महत्या मानने को राजी नहीं थी इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई । सीबीआई ने अपनी तफ़्तीश में कई एंगल तलाशे जिसमें से एक ड्रग्स का एंगल भी सामने आया जिसके बाद रिया चक्रवर्ती को सुशांत के लिए ड्रग्स मुहैया कराने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भी लिया गया था । सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है । वहीं रिया को सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया गया है ।