शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत इन दिनों अपने एक विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में बनी हुईं हैं । फेमिनिज्म और मातृत्व पर दिए गए एक बयान को लेकर मीरा राजपूत को काफी आलोचना झेलनी पड़ रही है । आपको बता दें कि महिला दिवस के दिन मीरा राजपूत ने कामकाजी महिलाओं और फेमिनिज्म के खिलाफ़ टिप्पणी की जिसके बाद उनकी चौतरफ़ा निंदा हुई । मीरा ने महिलाओं और फेमिनिज्म के खिलाफ़ कहा था कि, वो अपने बच्चों को ‘पपी’ (डॉगी का बच्चा) की तरह ट्रीट करती हैं ।

दरअसल, मीरा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि फेमिनिज्म की नई परिभाषा बहुत आक्रामक और विनाशकारी है । मैं हाउस वाइफ हूं और इस बात पर गर्व करती हूं । मीशा (शाहिद- मीरा की बेटी) को इस दुनिया में लाना मेरे लिए काफी मुश्किल था । मुझे घर पर रहना और अपनी बेटी के साथ समय बिताना अच्छा लगता है । मैं नहीं चाहती कि मैं एक घंटा उसके साथ बिताऊं और फिर काम पर चली जाऊं । मैं उसे दुनिया में क्यों लाई हूं? वो पपी नहीं है ।

मीरा का कामकाजी महिलाओं को लेकर ऐसी सोच रखने पर उनकी एक बैचमेट ने उन पर तीखा हमला करते हुए मीरा को छोटी सोच वाली कहा है । मीरा की बैचमेट ने कुछ हैरत अंगेज खुलासे किए हैं जिसमें बताया कि कॉलेज के दिनों में मीरा कैसे कपड़ों को देखकर लोगों को जज करती थीं । मीरा के इसी बयान पर उनकी बैचमेट ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने मीरा को छोटी सोच वाला बताया है । अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा-

डियर मीरा,

तुम्हारा इंटरव्यू देखा, जिसे देखकर मुझे गुस्सा आया । मैंने तुम्हारे कॉलेज और तुम्हारे बैच में ही

तीन साल बिताए हैं और आज मैं कॉन्फिडेंस के साथ कह सकती हूं कि फैमिनिज्म का तुम्हारा नजरिया बहुत खराब है । तुम कॉलेज में अपने ग्रुप के साथ घूमती थीं और जो लड़कियां तुम्हारे फैशन स्टेंडर्ड से मैच नहीं करती थीं तुम उनको छोटा समझती थीं । ये तुम्हारी छोटी सोच को दिखाता है । कामकाजी महिलाओं पर दिया गया बयान हमें पीछे उन सालों में ले जाता है जहां वास्तविक सश्क्तिकरण था, जिसके बारे में तुम कुछ नहीं जानतीं ।

बहुत गुस्से से,

एक इनफॉर्म्ड फेमिनिस्ट

शाहिद कपूर को अपनी पत्नी मीरा राजपूत के बचाव में सामने आना पड़ा और मीरा को बचाते हुए शाहिद ने कहा कि वह उन महिलाओं के एक वर्ग के बारे में बात करने की कोशिश कर रही थी, जिन्हें प्रस्तुत नहीं किया गया । शाहिद ने कहा कि आज हम जिस दौर में हैं वहां हर कोई हर चीज को लेकर आहत हो जाता है । उन्हें नहीं लगता कि सभी को खुश रखने की कोशिश का कोई मतलब है ।