कैंसर से पीड़ित बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर ने गुरुवार सुबह 8.45 मिनट पर अपनी आखिरी सांस ली । 67 वर्षीय ॠषि कपूर पिछले दो सालों से इस बीमारी से जूझ रहे थे । सांस में तकलीफ़ के चलते ॠषि को मुंबई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था । इस दौरान अस्पताल में ऋषि की पत्नी नीतू सिंह, भाई रणधीर कपूर समेत परिवार के अन्य लोग मौजूद थे । जिंदादिल इंसान कहे जाने वाले ऋषि कपूर आखिरी समय तक अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों का मनोरंजन करते रहे । उनके परिवार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात को कही साथ ही फ़ैंस से भी इस मुश्किल घड़ी में एक गुजारिश की ।

जिंदादिल अभिनेता ऋषि कपूर की इच्छा थी कि उन्हें हंसते हुए याद करें न कि आंसूओं के साथ, आखिरी वक्त तक किया अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों का मनोरंजन

ॠषि कपूर परिवार ने बयान जारी कर की गुजारिश

'हमारे प्‍यारे ऋषि कपूर 2 सालों तक ल्‍यूकेमिया से लड़ने के बाद आज सुबह 8.45 बजे अस्‍पताल में हम सब को छोड़कर चले गए । डॉक्‍टरों और मेडिकल स्‍टाफ का कहना है कि वह आखिर तक सभी का मनोरंजन करते रहे थे । वह कैंसर से चल रही लड़ाई के दो सालों में हमेशा दृढ़ निश्‍चय और जिंदादिल रहे थे । परिवार, दोस्‍त, खाना और फिल्‍में हमेशा उनके ध्‍यान में रही थीं और जो भी उनसे मिलता था ये देखकर दंग था कि आखिर वह इस बीमारी से जूझते हुए भी इस बीमारी को खुद पर हावी नहीं होने देते ।'

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परिवार द्वारा जारी बयान में आगे कहा गया, 'वह पूरी दुनिया से अपने फैंस के द्वारा भेजे गए प्‍यार से अभिभूत थे । उनके इन आखिरी दिनों में हमें एक ही बात समझ आई कि वह चाहते हैं कि हम उन्‍हें हमेशा हंसते हुए और मुस्‍कुराहट के साथ ही याद रखें न कि आंसुओं के साथ । ये व्‍यक्गित तौर पर क्षति हुई है । साथ ही हम समझते हैं कि पूरी दुनिया एक भयानक संकट से जूझ रही है । ऐसे में कई तरह की पाबंदियां हैं । हम उनके सभी फैंस और चाहने वालों से बस यही प्रार्थना करते हैं कि वह इस समय में भी नियमों के पालन का ध्‍यान रखें और जो पाबंदियां लगी हैं उन्‍हें समझें । वह भी ऐसा ही चाहते होंगे...।'