
मणि रत्नम की फ़िल्म 'इरुवर' ऐश्वर्या राय बच्चन की पहली फ़िल्म है और यह फ़िल्म जयललिता की जिंदगी पर आधारित है । इस बात को पहले छुपा कर रखा गया था और इसका खुलासा नहीं किया गया था । लेकिन जयललिता के निधन के बाद ये बात जोर पकड़ने लगी है ।
1997 में मणि रत्नम ने दोस्त से राजनीतिक प्रतिद्वंदी बने एम जी रामचंद्रन (एमजीआर) और एम करुणानिधि पर एक फिल्म 'इरुवर' बनाई थी । इसमें मोहनलाल ने एमजीआर का और प्रकाश राज ने उनके प्रतिद्वंदी की भूमिका निभाई थी । रेवती, तब्बू समेत कई और साउथ स्टार भी थे, मगर इन सबके बीच ऐश्वर्या के लिए यह फिल्म बेहद खास थी क्योंकि यह उनकी डेब्यू फिल्म थी । इसमें ऐश्वर्या ने दोहरी भूमिका निभाई थी, एक में वो मोहनलाल की पत्नी बनी थीं, जो एक हादसे में मर जाती है । इसके आलावा ऐश्वर्या ने दूसरा किरदार निभाया था जयललिता का । इस फिल्म मे ऐश्वर्या ने एम्. जी. रामचंद्रन जिन्हें एमजीआर के नाम से जाना जाता था, के साथ जयललिता के राजनितिक संबंधों को अपनी अदाकारी के दम पर निखारा था ।
अब सुनने में आ रहा है कि जयललिता की दुखदायी और आक्समिक मौत के बाद मणिरत्नम इरुवर में विशेष रूचि दिखाई जा रही है । सुनाई दिया है कि इस फ़िल्म को तमिल भाषा के अलावा कई और भाषाओं में फ़िर से पुनर्जीवित और फ़िर से रिलीज किया जाएगा ।
आखिरकार फ़िल्म की कास्ट के एक सदस्य ने अनजाने में ये भेद खोल दिया । “इरुवर सबसे निश्चित रूप से तमिलनाडु में सिनेमा और राजनीति के बीच के निकट संबंधों के फ़िल्म इरुवर में निश्चित रूप से दर्शाया गया था । और ऐश्वर्या ने इस फ़िल्म में जयललिता का किरदार निभाया था । विश्व सुंदरी का खिताब जीतने के बाद यह ऐश्वर्या की पहली फ़िल्म थी, और वह ऐसे ज्वलंत मुद्दे पर बनी फ़िल्म को करने के लिए शुरूआत में राजी नही थी । लेकिन मणि ने बाद में उन्हें समझा लिया ।”
यह वो दौर था,जब 'दि-मणि-टाइजेशन' (उनकी फ्लॉप फिल्मों के बाद) की प्रक्रिया शुरू नहीं की थी ।
जब इरुवर रिलीज हुई थी तब बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, सबसे पहले तो सेंसर बोर्ड ने ही फ़िल्म में दिखाए गए कई सीनों को काट दिया था “तमिलनाडु का राजनीतिक फ़िगर आसानी से समझने योग्य था” (एमजीआर,करुणानिधी और जयललिता) । फ़िल्म की रिलीज पर तमिलनाडु में कई जगह विरोध जताया गया ।”
आज के दिन ऐश्वर्या इरुवर में अपने किरदार को जयललिता से प्रेरित मानने से इंकार करती हैं । और यह बात पूरी तरह से समझने योग्य है । यदि हम सुचित्रा सेन से पूछते कि क्या उन्होंने आंधी फ़िल्म में गांधी का किरदार निभाया था तो उन्होंने स्पष्ट इंकार कर दिया होता ।
















