Priyanka-Chopra

जैसा की हम सभी जानते हैं कि प्रियंका चोपड़ा अपने रिजनल वेंचर्स को लेकर कितनी जुनूनी हैं । पूर्व सुंदरी प्रियंका ने अपने प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले अब तक कई क्षेत्रीय भाषाओं में फ़िल्में बनाई मराठी, पंजाबी, भोजपुरी । अब प्रियंका नेपाली भाषा में फ़िल्म बनाने की तैयारी कर रही हैं । बहरहाल प्रियंका की अतिमहत्वाकांक्षी सिक्किम-नेपाल फ़िल्म पहुना की शूटिंग जल्द ही शुरू होने वाली है । इसके अलावा प्रियंका की मां मधु चोपड़ा ने हाल ही में इस फ़िल्म के अलावा अन्य दो क्षेत्रीय भाषाओं की फ़िल्मों के बारें में जानकारी दी जो फ़िलहाल पाइपलाइन में हैं ।

उनमें से एक फ़िल्म गोवा की पृष्ठभूमि पर बेस्ड है और यह कोंकणी और हिंदी, दो भाषाओं वाली फ़िल्म होगी । एक निर्माता के रूप में प्रियंका की पिछली फ़िल्में विभिन्न शैलियों पर बनाई गई, इस बार हमने सुना है कि वह बचपन और महिलाओं के ऊपर फ़िल्म बनाने की योजना बना रही हैं । उनकी अगली गोवा बेस्ड फ़िल्म, जिसका नाम है 'लिटिल जो, कहां हो ?' , को नवोदित निर्देशक सुवर्णा नसनोडकर द्दारा निर्देशित किया जाएगा । यह फ़िल्म कार्टूनिस्ट आर.के .लक्ष्मण और मारियो मिरांडा के कार्टून्स की खूबसूरत दूनिया को एक श्रद्धांजलि है । यह एक हल्की-फुल्की मजेदार कहानी हैं, जो गोवा में शूट की जाएगी । फ़िल्म के बारें में बात करते हुए मधु ने बताया कि इस फ़िल्म में गोवा के असली तत्त्व को दर्शाया जाएगा और इसमें कई पुर्तगाली गाने सुनने को मिलेंगे ।

प्रियंका की अगली फ़िल्म उत्तरप्रदेश में स्थि्त प्रेम के प्रतीक ताज महल की पृष्ठभूमि में बुनी गई फ़िल्म ‘अलमसर’ है जो कि एक लड़के और उसके कुत्ते के बीच की दोस्ती और वफादारी की एक प्यारी कहानी है । इस फ़िल्म का लेखन और निर्देशन लारा मिश्रा द्दारा किया जाएगा । इस फ़िल्म में आगरा के इतिहास के बारें में भी बताया जाएगा । दिलचस्प बात ये है कि ये प्रियंका चोपड़ा के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने वाली ये तीनों ही फ़िल्मों बच्चों की दुनिया में ले जाती हैं । मधु चोपड़ा ने आगे खुलासा किया कि वे अगले साल एक असमी भाषा की फ़िल्म भी बनाएंगी ।

वहीं दूसरी तरफ़, उनकी सिक्किम-नेपाल फ़िल्म पहुना को अब्बास टायरवाला की पत्नी पाखी टायरवाला द्दारा निर्देशित किया जाएगा । यह फ़िल्म तीन बच्चों की जिंदगी के इर्द गिर्द घूमती है जो नेपाल से सिक्किम की यात्रा के दौरान अपने माता-पिता से अलग हो जाते हैं । यह फ़िल्म माओवादी आंदोलन की पृष्ठभूमि पर बेस्ड है ।