शूजीत सरकार की अक्टूबर भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में ऑस्कर में अन्य बॉलीवुड फ़िल्मों की तुलना में सबसे आगे थी और संजय लीला भंसाली की पद्मावत तो खड़ी भी नहीं हो पाई । अंदरूनी सूत्र ने खुलासा किया । ऑस्कर सलेक्शन की रचनात्मक प्रक्रियाओं के बारें में अनजान में भेद खोलते हुए एक अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि, भारत की तरफ़ से ऑस्कर में ऑफ़िशियल एंट्री के लिए चार फ़िल्मों को चुना गया था, और वो थी- मेघना गुलजार की राज़ी, संजय लीला भंसाली की पद्मावत, शुजीत सरकार की अक्टूबर और रीमा दास की असमी फ़िल्म, विलेज रॉक्सस्टार्स ।

…और इसलिए ऑस्कर रेस में विलेज रॉकस्टार्स से हारीं बॉलीवुड की बड़ी फ़िल्में पद्मावत, अक्टूबर और राज़ी

ऑस्कर के लिए विलेज रॉकस्टार्स एक ऑरिजनल और फ़्रेश स्टोरी पर बेस्ड फ़िल्म है

अंदरूनी सूत्र ने बताया कि आखिर क्यों एक प्रादेशिक फ़िल्म विलेज रॉकस्टार्स ने तीन बड़ी बॉलीवुड फ़िल्मों को ऑस्कर नॉमिनेशन में मात दे दी । "रीमा दास की फिल्म एक ऑरिजनल और फ़्रेश स्टोरी पर बेस्ड फ़िल्म थी । कुछ जूरी सदस्यों को राज़ी कुछ हद तक पाकिस्तानी विरोधी लग रही थी । रही पद्मावत की बात, तो पद्मावत मोटे तौर पर त्रुटिपूर्ण स्क्रिप्ट थी और भंसाली, इससे पहले भी इस तरह की और भी पीरियड-कॉस्ट्यूम ड्रामा फ़िल्में बना चुके हैं । इसलिए बची वरुण धवन की अक्टूबर, जो ऑस्कर में एंट्री लेने के लिए विलेज रॉकस्टार्स के काफ़ी करीब थी । लेकिन अक्टूबर पर भी स्क्रिप्ट चोरी का आरोप लगाया जा चुका है और ऑस्कर कमैटी पिछले साल के तमाशे को फ़िर से दोहराना नहीं चाहती थी ।''

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बीते साल, राजकुमार राव अभिनीत फ़िल्म न्यूटन ने भारत की ओर से ऑस्कर में ऑफ़िशियल एंट्री ले ली थी लेकिन इसके बाद इस फ़िल्म पर स्क्रिप्ट चोरी का मामला सामने आया । न्यूटन ऑस्कर में बेस्ट फ़ॉरेन फ़िल्म सेक्शन में अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाई । और इसलिए विलेज रॉकस्टार्स को ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया । न्यूटन टीम की तरह, विलेज रॉकस्टार टीम के पास लॉस एंजिल्स में ऑस्कर नामांकन के लिए कैम्पेनिंग के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं है ।