हर किसी फ़िल्ममेकर की इच्छा होती है कि उनकी फ़िल्म बिना किसी कटौती के सेंसर बोर्ड द्दारा पास हो जाए, लेकिन सेंसर बोर्ड के लिए ये काम बहुत मुश्किलों भरा होता है । इस बार सीबीएफसी के रडार पर है नवाजुद्दीन सिद्दीकी की आगामी फ़िल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज । बाबूमोशाय बंदूकबाज फ़िल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक शूटर की भूमिका अदा कर रहे हैं । इस फ़िल्म मे अभद्र भाषा और अश्लील सीन की भरमार है और इसके कारण सीबीएफसी प्रमुख पहलज निहलानी ने इसे वयस्क प्रमाणन दिया है । इतना ही नहीं, फ़िल्म के निर्माता किरण श्रॉफ़ ने इस पर नाराजगी जताते हुए इस बारें में खुलकर बोला है ।

इस बारें में बात करते हुए, किरण श्रॉफ़ ने खुलासा किया कि, जब उन्होंने सीबीएफसी सदस्यों से फिल्म के प्रमाणीकरण के लिए संपर्क किया,तो उनमें से एक ने सवाल किया कि वह इतनी गालियों के साथ कैसे फ़िल्म बना सकती है ? लेकिन इससे पहले वह इस बात का जबाव देती, इससे पहले एक पुरुष सीबीएफसी सदस्य ने जवाब दिया कि अगर वह एक महिला है, तो उसने वैसे कपड़े नहीं पहने हैं । वो महिला कैसे हो सकती है जो जींस और टी शर्ट पहनती है । इस बात की मुंहतोड़ जवाब देते हुए,फ़िल्म के निर्देशक कुशन नंदी, ने कहा कि, एक महिला निर्माता के साथ इस तरह का व्यवहार करना अक्षम्य है ।

वहीं दूसरी तरफ़, प्रमाणन के बारे में बात करते हुए, जब कुशन ने पहलाज निहलानी से इस बारें में संपर्क किया तो, उन्होंने कहा कि गनीमत है कि उन्होंने फ़िल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया । । इसके अलावा, जब कुशन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस बारें में ठोस कदम उठाएंगे । पहलाज ने फ़िल्म में कुछ बदलाव करने को भी कहा, जैसे 'मां का लंहगा' की जगह 'मां का आंचल' शब्द का प्रयोग किया जाए । सेंसर बोर्ड की इन सिफ़ाराशों पर नाराजगी जताते हुए कुशन काफ़ी परेशान हुए कि इन शब्दों के कारण ही उनकी फ़िल्म में देहाती टच है, और बदलाव करने पर सब कुछ खत्म हो जाएगा ।

इसके खिलाफ कुछ बड़ी कार्रवाई करते हुए, भारतीय फिल्म और टेलीविजन निर्देशक संघ बाबुमोशाय बंदूकबाज के समर्थन में आ गया हैं और उन्होंने फ़िल्म की प्रोड्यूस किरण श्रॉफ के कथित अपमान के बारे में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को एक पत्र लिखा है । इसके अलावा, मेकर्स ने इन कटौती के संशोधन के लिए फिल्म सर्टिफिकेशन अपीलेट ट्रिब्यूनल तक ये मामला पहुंचा दिया है । हालांकि पहलाज निहलानी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है, आईएफटीडीए के सदस्य अशोक पंडित ने सीएफएफसी के व्यवहार की निंदा की है और इस तरह के सदस्यों का पर्दाफाश करने का वादा किया है ।