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अभी कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर के उरी में सैन्य शिविर पर हुए आतंकवादियों हमले से पूरा देश आगबबूला हो गया है । इस हमले में 18 जवानों ने अपने प्राणों की आहुती दे दी और कई घायल हो गए । जाहिरतौर पर इस हमले का जिम्मेदार पाकिस्तान है इसलिए हर किसी का पाकिस्तान के खिलाफ़ गुस्सा फ़ूट रहा है । पाकिस्तान के खिलाफ़ आग उगलते हुए राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत छोड़ने की धमकी दी और उन्हें 48 घंटों में देश छोड़ने की डेडलाइन दे दी ।

जैसा की हम सभी को पता है कि पाकिस्तानी अभिनेता फ़वाद खान फ़िल्ममेकर करण जौहर की आगामी रोमांटिक ड्रामा फ़िल्म ऐ दिल है मुश्किल में नजर आने वाले हैं । इसलिए मनसे ने लोगों से इस फ़िल्म का बहिष्कार करने को कहा और ये धमकी दी कि यदि इस फ़िल्म में से फ़वाद खान के सीन को एडिट नहीं किया गया तो वे इस फ़िल्म को रिलीज नहीं होने देंगे । हालांकि पाकिस्तानी कलाकारों में से किसी ने भी इस विवाद के बारें में कोई बात नहीं की, करण जौहर ने इस विरोध की खुलकर आलोचना की और कहा कि फ़िल्म इंडस्ट्री सभी के लिए एक सॉफ़्ट टारगेट है । उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाना आतंकवाद का हल नहीं है । एक बड़ी फ़ोर्स को आतंकवाद से लड़ने के लिए एक साथ आने की जरूरत है ।

करण जौहर के साक्षात्कार के लिए जवाबी कार्रवाई में, कुछ मनसे कार्यकर्ताओं वर्तमान में उनके आवास के बाहर विरोध कर रहे हैं । कुछ कार्यकर्ता उनके घर के बाहर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तस्वीर को फ़ाड़ रहे हैं । हमने सुना है कि करण जौहर के घर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं । हमने सुना है कि लगभग 100 मनसे के कार्यकर्ता उनके प्रोडक्शन हाउस पहुंचे लेकिन वहां पहले से ही पुलिस मौजूद थी । जहां तक फ़वाद खान की बात है तो हमने सुना है कि वे पहले ही भारत से जा चुके हैं ।

ये पहली बार नहीं है जब करण जौहर को अपने साक्षात्कार और फिल्म पर ऐसी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है । साल 2010 में करण जौहर को अपनी फ़िल्म माइ नेम इज खान के दौरान ऐसी ही प्रतिक्रियाओं को झेलना पड़ा था । करण जौहर की ऐ दिल है मुश्किल इस दीवाली को यानी 28 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी ।