गली बॉय (2019) से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले सिद्धांत चतुर्वेदी ने हाल ही में धड़क 2 (2025) में अपने प्रदर्शन से एक बार फिर दर्शकों को प्रभावित किया । अब खबर है कि सिद्धांत चतुर्वेदी जल्द ही भारतीय सिनेमा के महान निर्देशक, अभिनेता, निर्माता और लेखक वी. शांताराम की जिंदगी पर आधारित बायोपिक में लीड रोल में नजर आने वाले हैं। सिद्धांत चतुर्वेदी की इस फ़िल्म का नाम चित्रपति वी. शांताराम है ।

EXCLUSIVE: भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकार वी. शांताराम बनेंगे सिद्धांत चतुर्वेदी ; बायोपिक फ़िल्म चित्रपति वी. शांताराम में मिला लीड रोल

सिद्धांत चतुर्वेदी करेंगे बायोपिक फ़िल्म

बॉलीवुड हंगामा को मिली जानकारी के मुताबिक, यह सिद्धांत चतुर्वेदी के करियर की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म होगी। एक सूत्र ने बताया, “सिद्धांत ने अपने पिछले कामों से साबित किया है कि वे बेहद प्रतिभाशाली हैं। यही वजह है कि चित्रपति वी. शांताराम के निर्माताओं ने उन्हें इस बायोपिक के लिए चुना है। फिल्म फिलहाल प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है और सिद्धांत अपने किरदार में ढलने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।”

सूत्र ने आगे बताया, “वी. शांताराम का भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में योगदान बेहद गहरा रहा है। इस फिल्म के जरिए नई पीढ़ी उनके काम और संघर्ष से रूबरू होगी। चित्रपति वी. शांताराम में दिखाया जाएगा कि कैसे कोल्हापुर में गरीबी में जन्मे शांताराम ने पुणे में बाबूराव पेंटर से फिल्ममेकिंग सीखी और फिर हिंदी सिनेमा को झनक झनक पायल बाजे (1955) और ‘दो आंखें बारह हाथ’ (1957) जैसी क्लासिक फिल्में दीं। यह फिल्म यह भी दिखाएगी कि वे कितने दूरदर्शी थे । वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने फिल्मों में महिलाओं को कास्ट किया, फिल्म संगीत के अधिकार बेचे और भारत में पहली रंगीन फिल्म बनाने का साहस किया। प्रभात स्टूडियो में बनी उनकी फिल्मों को कान्स, वेनिस और बर्लिन जैसे अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहा गया और 1959 में उन्हें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। बहुत कम लोग जानते हैं कि चार्ली चैपलिन ने भी वी. शांताराम के काम की तारीफ की थी। फिल्म में मुंबई (तब के बॉम्बे) के फिल्मकारों के साथ उनकी पेशेवर प्रतिद्वंद्विता को भी दिलचस्प अंदाज में दिखाया जाएगा।”

चित्रपति वी. शांताराम न सिर्फ एक प्रेरणादायक बायोपिक होगी, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास को मनोरंजक ढंग से पेश करने वाली एक प्रभावशाली फिल्म साबित हो सकती है।