सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स एंगल सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस केस को ड्रग्स के एंगल से जांचने में जुटी , जिस दौरान एनसीबी के हाथ कुछ ऐसे ड्रग्स कनेक्शन सामने आए जिनका सीधा संबंध बॉलीवुड सिलेब्रिटीज से निकला । एनसीबी के हाथ लगी ड्रग्स चैट में दीपिका पादु्कोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और रकुल प्रीत से पूछताछ की । इसके अलावा एनसीबी ने ड्रग्स मामले में पिछले हफ्ते Dharmatic Entertainment के पूर्व एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर क्षितिज प्रसाद को गिरफ़्तार किया और उनसे पूछताछ की । और अब क्षितिज प्रसाद के वकील सतीश मानशिंदे ने एनसीबी पर आरोप लगाया है कि क्षितिज प्रसाद को पूछताछ के दौरान करण जौहर और उनके टॉप के एक्ज़ीक्यूटिव्स को फंसाने के लिए जोर-जबरदस्ती की गई । वकील ने दावा किया है कि एनसीबी ने क्षितिज पर करण जौहर का नाम लेने का दबाव बनाया । हालांकि एनसीबी ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है ।

क्षितिज प्रसाद ने एनसीबी पर आरोप लगाया
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सतीश मनेशिंदे ने एक समाचार पोर्टल को बताया कि, “क्षितिज रविवार को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे, जहां उन्हें 3 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में रखने का फैसला सुनाया गया । क्षितिज के वकील ने कहा कि मजिस्ट्रेट के सामने पेशी से पहले क्षितिज को प्रताड़ित और ब्लैकमेल किया गया । इसके अलावा क्षितिज के साथ थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट और दुर्व्यवहार भी किया गया था ।”
क्षितिज के वकील ने एनसीबी ऑफिसर्स पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उनके क्लाइंट के विरोध के बावजूद उनपर गलत इल्जाम लगाए हैं । क्षितिज के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है । उसे अपने वकील से बात करने की भी इजाजत नहीं दी गई । उस दिन क्षितिज को एनसीबी ऑफिस में ही रोक लिया गया ।
वकील ने आगे बताया कि, “दूसरे दिन एनसीबी ऑफिसर समीर वानखेड़े ने दूसरे ऑफिसर्स की मौजूदगी में क्षितिज से कहा कि चूंकि वह धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़ा हुआ था इसलिए अगर वह करण जौहर, सोमेल मिश्रा, राखी, अपूर्वा, नीरज या राहिल के ड्रग्स लेने को लेकर झूठ कहेगा तो उसे जाने दिया जाएगा । क्षितिज ने ऐसा करने से मना कर दिया । ऐसा करने पर एनसीबी ने सहयोग नहीं देने के लिए क्षितिज को जमीन पर बैठाया और क्षितिज के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया ।
48 घंटे के इस टॉर्चर के बाद क्षितिज बहुत थक गया था । अपने वकील या परिवार से बात करने के आग्रह पर भी एनसीबी ने क्षितिज की एक नहीं सुनी । 50 घंटों तक लगातार ऐसे टॉर्चर करने के बाद क्षितिज किसी से बात करने की स्थिति में नहीं है । दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने क्षितिज को 3 अक्टूबर तक एनसीबी कस्टडी में रखने का फैसला सुनाया है ।”
हालांकि समीर वानखेड़े ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है । इसी के साथ उन्होंने कहा है कि आरोपियों के लिए इस तरह के आरोप लगाना एक सामान्य सी बात है । एनसीबी के डिप्टी डीजी जैन ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “जांच पेशेवर तरीके से की जा रही है । क्षितिज प्रसाद द्वारा लगाए गए आरोप बिल्कुल असत्य हैं ।”
बता दें कि सतीश मानशिंदे ही रिया चक्रवर्ती और शौविक चक्रवर्ती का भी केस लड़ रहे हैं ।
















