कटहल: ए जैकफ्रूट मिस्ट्री (2023) उन फिल्मों में से है जिसे दर्शकों और आलोचकों, दोनों ने खूब पसंद किया। एकता कपूर, गुनीत मोंगा, अचिन जैन और शोभा कपूर के प्रोडक्शन में बनी इस कॉमेडी-क्राइम ड्रामा फिल्म को यशोवर्धन मिश्रा ने डायरेक्ट किया है। आज 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2023 में इस फिल्म ने बड़ी जीत दर्ज की। कटहल को बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला, जो इसकी अनोखी कहानी, समाज पर तीखे कमेंट और नए अंदाज़ की बड़ी पहचान है। 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का सम्मान मिलने पर प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा कपूर और एकता कपूर ने खुशी जताई है ।

71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बेस्ट हिंदी फिल्म बनी सान्या मल्होत्रा की कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री ; प्रोड्यूसर्स गुनीत मोंगा कपूर और एकता कपूर ने कहा- “ये जीत सबकी है”

कटहल: ए जैकफ्रूट मिस्ट्री बनी बेस्ट हिंदी फीचर फ़िल्म

गुनीत मोंगा कपूर ने ख़ुशी जताते हुए कहा, “हमें यह बताते हुए बेहद गर्व हो रहा है कि कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला है। इस सम्मान के लिए हम दिल से आभारी हैं। हमारे प्रतिभाशाली निर्देशक यशोवर्धन मिश्रा और उनके सह-लेखक अशोक मिश्रा को दिल से बधाई, जिन्होंने इतनी धारदार, मौलिक और इंसानियत से भरी कहानी रची। हमारे प्रोड्यूसिंग पार्टनर्स एकता कपूर और शोभा कपूर (बालाजी टेलीफिल्म्स) का विशेष धन्यवाद। हमारी भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पार्टनर नेटफ्लिक्स इंडिया, और वहां की शानदार टीम – मोनिका शेरगिल, रुचिका कपूर शेख, और उन दो खास लोगों को धन्यवाद जिन्होंने इस सफर की शुरुआत की – प्रतीक्षा राव और अंकिता सिंह। मेरे को-प्रोड्यूसर अचिन जैन और सिख्या एंटरटेनमेंट की पूरी टीम – आप लोगों के बिना यह फिल्म संभव नहीं हो पाती। आपका साथ और विश्वास हमारे लिए अनमोल है। और हमारी लीड एक्ट्रेस सान्या मल्होत्रा – महिमा का किरदार आपने जिस खूबसूरती और सादगी से निभाया, उसने दिल जीत लिया। आपने इस किरदार में जो गहराई, गर्मजोशी और मजबूती दिखाई, वो काबिले-तारीफ है। इस कहानी को इतनी गरिमा और सच्चाई के साथ आगे ले जाने के लिए धन्यवाद। मध्य प्रदेश की संस्कृति और वहाँ की मिट्टी में पूरी फिल्म की शूटिंग हुई। ‘कटहल’ एक व्यंग्यात्मक कहानी है, जो हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी है – और ये याद दिलाती है कि सच कई बार सबसे अनोखी जगहों में छुपा होता है। एमपी की सादगी ने हमारी फिल्म को और भी खास बना दिया। यह जीत हर उस कहानीकार के नाम है जो दुनिया को थोड़ा और करीब से देखने की हिम्मत करता है और ऐसी कहानियाँ सुनाता है जो मायने रखती हैं। बहुत बहुत शुक्रिया!”

जीत का जश्न मनाते हुए, फिल्म की प्रोड्यूसर एकता कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर यह खुशखबरी शेयर की और लिखा – “थैंक यू ♥️♥️♥️♥️ जय माता दी @monika_shergill @netflix_in @guneetmonga @achinjain20 @sanyamalhotra_”

एकता कपूर ने जीत के बाद अपनी खुशी और आभार जताते हुए कहा, “मैं इस बड़े सम्मान के लिए ज्यूरी का धन्यवाद करती हूं। हमारे काम और कहानियों की पसंद को पहचान मिलना बेहद सुकून देने वाला है। मैं खुश हूं कि मुझे गुनीत मोंगा, अचिन जैन, बालाजी और नेटफ्लिक्स जैसे शानदार साथी मिले। मैं यह अवॉर्ड अपनी शानदार कास्ट और क्रू के साथ बांटना चाहती हूं, जिन्होंने इस फिल्म को कई तरीकों से संवारने में योगदान दिया।”

यह मेकर्स के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि फिल्म ने एक सामाजिक मुद्दे को मज़ेदार अंदाज़ में और अलग तरीके से पेश किया। सान्या मल्होत्रा, मेघा शुक्ला, आनंद वी. जोशी और बाकी कलाकारों की एक्टिंग ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। अपनी ताज़ा कहानी, सच्ची लगने वाली परफॉर्मेंस और हल्के-फुल्के व्यंग्य के साथ फिल्म ने हर किसी का दिल जीत लिया। बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का हालिया नेशनल अवॉर्ड इस बात का सबूत है कि अब दर्शक और आलोचक, दोनों ही दमदार कंटेंट वाली कहानियों को सबसे ज़्यादा पसंद कर रहे हैं।

कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री की कहानी मज़ेदार से दिखने वाले छोटे से कस्बे मोबा में सेट है। यहां इंस्पेक्टर महीमा बसोर (सान्या मल्होत्रा) एक अजीब केस सुलझाने निकलती हैं — एक विधायक के घर से दो कटहल चोरी हो गए हैं। जो मामला शुरू में बेमतलब और मज़ाकिया लगता है, वह जल्द ही एक लापता लड़की के गंभीर केस में बदल जाता है। महीमा अपनी समझदारी और हिम्मत से तस्करी और सामाजिक अन्याय जैसे बड़े मुद्दों को सामने लाती हैं, और यह सब वह हंसी-मजाक के साथ लेकिन दमदार संदेश देते हुए करती हैं।