
भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर रोक लगाने को मचे हंगामें के बीच कई सारी फ़िल्मों को भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक माहौल में अचानक परिवर्तन के कारण झटके का सामना करना पड़ा बीच, और इसमें पहले शिकार हुई करण जौहर की ऐ दिल है मुश्किल । करण जौहर द्दारा निर्देशित फ़िल्म जिसमें पाक कलाकार फ़वाद खान मुख्य भूमिका में नजर आएंगे जिसके चलते फ़िल्म को लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है । फ़िल्म में पाक कलाकार की मौजूदगी के कारण कई राजनीतिक दल फ़िल्म को रिलीज नहीं होने दे रहे थे । हालांकि अब मामाल कुछ शांत हो गया है । शनिवार को हुई एक मीटिंग में फ़िल्म को रिलीज करने के लिए कुछ समझौते किए गए हैं जिसके बाद फ़िल्म को रिलीज करने की हरी झंडी मिल गई है । लेकिन सिनेमा ऑनर्स एंड एग्जिबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीईओएआई) अभी भी अपनी बात पर अडिग है जैसा की उसने पहले भी कहा था कि वह फ़िल्म की स्क्रीनिंग नहीं करेगी ।
सिनेमा ऑनर्स और एग्जिबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' इस फिल्म को रिलीज करने के पक्ष में नहीं हैं । नितिन दातार ने मनसे के निर्णय, जिसमें फ़िल्म ऐ दिल है मुश्किल को आसानी से रिलीज करने की बात मान ली गई है, के बाद ये घोषणा की कि वे अभी भी अपनी बात पर कायम है और फ़िल्म में पाक कलाकारों की मौजूदगी के कारण इस फ़िल्म को सिंगल स्क्रीन थिएटर में और कुछ मल्टीप्लेक्स में रिलीज नहीं होने देने के फ़ैसले को जारी रखेंगे । उन्होंने दावा किया कि करण जौहर एग्जीबिटर्स को झांसा दे रहे हैं, COEAI के प्रमुख नितिन दातार ने कहा कि उन्हें उस मीटिंग के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था और मीटिंग में जो फ़ैसला लिया गया है वह प्रोड्यूसर्स, मनसे और सरकार की सहमति के साथ लिया गया है । उन्होंने आगे कहा कि, उनके अधीन महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों जैसे कई राज्यों से लगभग 450 पंजीकृत सदस्य है और उनके साथ सिंगल स्क्रीन के अलावा कई छोटे मल्टीप्लेक्स के मालिक भी जुड़े हुए हैं । उनके अधीन मुंबई में लगभग 80 एकल स्क्रीन है । एसोसिएशन ने कहा है कि उन्होंने यह फैसला सुरक्षा कारणों को देखते हुए लिया है । उनका कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए पाकिस्तान के किसी भी आर्टिस्ट की फिल्म को रिलीज करना इस समय एक बड़ा खतरा साबित हो सकता
है और वे ये खतरा मोल नहीं लेना चाहते । आपको बता दें कि 'सिनेमा ऑनर्स और एग्जिबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया' से ज्यातर सिंगल स्क्रीन के ऑनर्स जुड़े हुए हैं, ऐसे में फिल्म का सिंगल स्क्रीन थिएटर्स पर रिलीज होना मुश्किल में नजर आ रहा है । इस ऐसोसिएशन के साथ केवल महाराष्ट्र के ही 430 मेंबर्स जुड़े हुए हैं ।
उडी हमले के बाद देशभर में पाकिस्तानी कलाकारों पर बैन लगाने की मांग उठ रही थी और मनसे लगातार फ़िल्म में पाक कलाकार की मौजूदगी के कारण फ़िल्म का विरोध कर रही थी और मांग कर रही थी कि वो फ़िल्म को रिलीज तभी होने देंगे जब फ़िल्म में से फ़वाद खान पर फ़िल्माए गए सभी सीन काट दिए जाएं । हालांकि करण जौहर ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर माफ़ी भी मांगी थी लेकिन उससे भी कोई असर नहीं हुआ । और जब मामला ज्यादा तूल पकड़ने लगा तब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फ़ड़नवीस की मौजूदगी में प्रोड्यूसर गिल्ड और राज ठाकरे के बीच एक मीटिंग हुई जिसमें कुछ समझौतों के साथ फ़िल्म को रिलीज करने को हरी झंडी मिल गई । मीटिंग में फ़ैसला लिया गया कि करण जौहर भविष्य में फ़िर कभी किसी पाकिस्तानी कलाकार को अपनी फ़िल्म में काम नहीं देंगे और इस के साथ-साथ देश को समर्थन देने के रूप में आर्मी वेलफेयर फंड में 5 करोड़ रुपये दान देंगे ।
















