कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की सत्यप्रेम की कथा की रिलीज में महज 24 घंटे से भी कम समय है ऐसे में फ़िल्म के लिए एक्साइटमेंट हाई लेवल पर है, जिसका सबूत फ़िल्म की एडवांस बुकिंग में देखने को मिल रहा है । भूल भुलैया 2 (2022) के बाद एक बार फिर कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की जोड़ी सत्यप्रेम की कथा में नज़र आएगी इसलिए बॉक्स ऑफिस पर इस फ़िल्म से काफ़ी उम्मीदें है । सेंसर बोर्ड यानी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने भी सत्यप्रेम की कथा को यू/ए प्रमाणपत्र देकर पास कर दिया । हालाँकि 146.02 मिनट यानी 2 घंटे, 26 मिनट और 2 सेकेंड लंबी सत्यप्रेम की कथा में सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलाव करने के निर्देश दिए हैं ।

रणबीर कपूर की संजू में ‘घपा घप’ शब्द से सेंसर बोर्ड को नहीं थी कोई आपत्ति लेकिन कार्तिक आर्यन की सत्यप्रेम की कथा में सीबीएफसी ने सेंसर किया ये शब्द ; इन 7 बदलावों के साथ दिया यू/ए सर्टिफिकेट

सत्यप्रेम की कथा में ये बदलाव करवाए सेंसर बोर्ड ने

बॉलीवुड हंगामा को पता चला है कि, सेंसर सर्टिफिकेट देने से पहले सीबीएफसी ने मेकर्स से 7 बदलाव मांगे थे । एक्ज़ामिन कमेटी के सदस्यों नेगुज्जू पटाखागाने के बोलराधे की चेलियांसेचेलियांशब्द कोसहेलियांसे बदलने को कहा । इसके अलावाएक शॉटशब्द को अनुपयुक्त समझा गया और उसकी जगहएक बाररखा गया । दिलचस्प बात यह है कि यह डायलॉग बिना बदलाव के इसके ट्रेलर में देखा जा सकता है ।

तीसरा, ‘उसके पहले तो दोनों घपा घप...’ डायलॉग सेघपा घपशब्द म्यूट कर दिए गए । हालांकि यही शब्द यह रणबीर कपूर की 2018 की ब्लॉकबस्टर संजू में जैसा का जैसा रखा गया था यानी तब सेंसर बोर्ड ने इसमें कोई बदलाव नहीं किए थे । और तो औरघपा घपशब्द की वजह से फ़िल्म को एक अलग तरह का प्रमोशन भी मिला था । बता दें किघपा घपशब्द का मतलब सेक्स से संबधित है जो अपशब्द की श्रेणी में आता है । लेकिन संजू के समय सीबीएफसी को इससे कोई आपत्ति नहीं थी और इसलिए उन्होंने इसे पास कराटे हुए फ़िल्म को यू/ए सर्टिफिकेट दिया गया था । लेकिन सत्यप्रेम की कथा में वही शब्दघपा घपहटा दिया ।

संयोग से सत्यप्रेम की कथा 29 जून को रिलीज़ होने वाली है जिस दिन संजू रिलीज़ हुई थी 2018 में । इसके अलावा पिछले महीने 26 मई को रिलीज हुई नवाजुद्दीन सिद्दीकी-नेहा शर्मा स्टारर जोगीरा सारा रा रा के भी एक डायलॉग में 'घपा घप' था और इसे भी सीबीएफसी ने हटा दिया था ।

इतना ही नहीं, ‘डर्टी माइंड है आपकी कथा जीडायलॉग मेंडर्टी माइंडको म्यूट कर दिया गया था । फिल्म में जहां भीफिनाइलदिखाया गया है, वहां से 'फिनाइल' का लेबल हटाने को कहा गया है । अंत में, निर्माताओं को फिल्म के अंत में उल्लिखित आँकड़ों के लिए दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया । इन बदलावों के बाद 13 जून को सत्यप्रेम की कथा के निर्माताओं को सेंसर सर्टिफिकेट दे दिया गया ।